बागवानी विभाग द्वारा चलाई जा रही प्लान स्कीम का लाभ लेकर किसान करें अपनी आय में वृद्धि
प्रदेश में बागवानी क्षेत्र बढक़र 5.26 लाख हेक्टेयर हुआ, जो कुल क्षेत्र का 7.07 प्रतिशत है। बागवानी फसलों की सुगम बिक्री व उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए 486 एफपीओ बनाए जा चुके हैं तथा 514 और बनाने का लक्ष्य है। इनके द्वारा 150 इंटीग्रेटेड पैक हाउस बनाए जाएंगे, जिनके माध्यम से किसान अपनी फसल व सब्जियां सरलता से बेच सकेगे।
इन स्कीमों का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर इंद्राज होना अनिवार्य है। इन स्कीमों में पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इन स्कीम के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में सम्पर्क किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि भावान्तर भरपाई योजना मे 19 बागवानी फसलें शामिल है। इसमें टमाटर, प्याज, आलू व फूलगोभी की फसल के अतिरिक्त 15 अन्य फसलें- किन्नू, अमरूद, गाजर, मटर, शिमला मिर्च, बैंगन, भिंडी, हरी मिर्च, लौकी, करेला, बंदगोभी, मूली, अदरक, हल्दी व आम इत्यादि भी शामिल की गई हैं।
.png)


