आंदोलन में जान की क़ुर्बानी देने वाले किसानों
को मिले शहीद का दर्ज़ा - दीपेंद्र हुड्डा
City Life Haryana | यमुनानगर : पिछले लंबे समय से कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को लेकर यमुनानगर में पंचकूला रुड़की नेशनल हाईवे गधोला मिल्क माजरा टोल पर किसान धरने पर बैठे हुए हैं ।आज टोल प्लाजा पर बैठे किसानों के बीच कांग्रेस नेता व राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा पहुंचे और किसानों को अपना समर्थन दिया। वही मीडिया से बात करते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार को राज हट छोड़कर राज धर्म का रास्ता अपनाना चाहिए और तुरंत किसानों की बात माननी चाहिए। वहीं उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में 45 के करीब किसानों की जान जा चुकी है ।सभी किसानो को शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए ।उनके परिवार में नौकरी देनी चाहिए और उनकी आर्थिक मदद की जाए।
राज हठ का रास्ता छोड़ , राज धर्म का रास्ता बनाए सरकार
किसानों के बीच पहुंचे दीपेंद्र हुड्डा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिस प्रकार से किसान यहां धरने पर बैठे हुए हैं। आज किसानों का समर्थन करते हुए उनके बीच पहुंचा हूं। और सरकार से आग्रह करते हैं सरकार अपनी जिद छोड़ें ।उन्होंने कहा कि अपनी प्रजा से जिद और हठ लगाकर कुछ हासिल नहीं होगा। किसानों की बात मानने से कोई शासक कोई सरकार छोटी नहीं होती। प्रजा की बात मानने से किसी की हार नहीं होती ।आज देश के किसानों की भावना है कि कृषि कानूनों को वापस लिया जाए और सरकार यदि कृषि प्रणाली में कोई बदलाव करना चाहती है तो सभी किसान संगठनों से बातचीत कर सर्व सहमति से कोई रास्ता निकाला जाए।
50 साल बाद पड़ी कड़ाके की रिकॉर्ड ठंड में कल मैं टिकरी बॉर्डर पर था वहां 17 किलोमीटर लंबा धरना चल रहा है , सिंघु बॉर्डर पर 20 किलोमीटर से ज्यादा लंबा धरना है । ऐसा मैं समझता हूं जो इतनी मानवता और संवेदनशीलता कड़ाके की ठंड में रोज किसान कुर्बानियां दे रहे हैं , मगर सरकार जिद पर अड़ी हुई है राजहठ का रास्ता छोड़े और राज धर्म का रास्ता बनाए सरकार और किसानों की बात माने
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