13 जनवरी को कृषि कानूनों की कॉपियों को जलाकर लोहड़ी मनाएंगे
दिल्ली की
विभिन्न सीमाओं पर पिछले एक महीने से ज्यादा समय से हजारों किसान आंदोलन कर रहे
हैं। किसानों की सरकार के साथ बातचीत भी चल रही है, लेकिन अभी प्रमुख मांग पर सहमति बनते हुए आसार नहीं दिख रहे
हैं।
- सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए..
- 13 जनवरी को कृषि
कानूनों की कॉपियों को जलाकर लोहड़ी मनाएंगे।
- 23 जनवरी को नेताजी
सुभाष चंद्र बोस की जयंती को किसान दिवस के रूप में मनाएंगे।
- सरकार ने किसानों की दो
मुद्दों को मान लिया है, अगले दौर की
बैठक 4 जनवरी को होगी।
- कल होने वाली हमारी अगली
बैठक में हम तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करेंगे।
- आज किसान आंदोलन का 37वां दिन है, सरकार को अपनी जिद छोड़ देनी चाहिए।
- जब तक कानून वापस नहीं
लिए जाएंगे, तब तक हम वापस
नहीं जाएंगे।
- किसानों की जान जा रही है, सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है।
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