वर्ष 2022 तक तबेदिक रोग मुक्त बनाने का लक्ष्य
CITY LIFE HARYANA | यमुनानगर : उपायुक्त मुकुल कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला यमुनानगर को वर्ष 2022 तक तबेदिक रोग मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य हासिल करना केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेवारी नहीं है बल्कि सभी विभागों को अपने स्तर पर सहयोग करना होगा। उन्होंने इस रोग के लक्ष्णों, बचाव और इलाज के बारे में प्रचार-प्रसार की आवश्यक्ता पर बल देते हुए कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जन प्रतिनिधियों का सहयोग लेकर यह जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए।
उपायुक्त आज स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला सचिवालय के सभागार में तपेदिक नियंत्रण हेतु गठित जिला टी.बी फोरम की टास्क फोरस की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे । उन्होंने कहा कि कोरोना बिमारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग के साथ सभी सम्बन्धित विभागों ने बेहतर तालमेल से सराहनीय प्रयास किए हैं और अब तपेदिक मुक्त यमुनानगर के लिए भी ऐसे ही प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जनता का सहयोग भी जरूरी है। तपेदिक रोग के मरीज की जानकारी देने वाले व्यक्ति को स्वास्थ्य विभाग द्वारा 500 रूपए की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करवाई जाती है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नम्बर 1800-11-6666 पर डायल करके इस रोग के लक्ष्णों, बचाव व इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है।
सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा तपेदिक रोग के मरीजों की पहचान के लिए अपने स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा सभी ग्राम पंचायतें भी ग्राम सभाएं आयोजित करके लोगों को इस रोग से बचाव के प्रति जागरूक करें और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों को इन बैठकों में शामिल करें। तपेदिक नियंत्रण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. चारू ने बताया कि इस वर्ष कोरोना की परिस्थितियां होने के बावजूद 4617 मरीजों के टैस्ट किए गए हैं और 636 लोग तपेदिक से पीडि़त पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनके विभाग में तपेदिक रोग की जांच के लिए उपयुक्त व आधुनिक उपकरणों से युक्त प्रयोगशालाएं उपलब्ध है और मरीजों को दवाईयां भी नि:शुल्क उपलब्ध करवाई जाती है। दवाईयों कें अतिरिक्त मरीज को खुराक के लिए भी 500 रूपए मासिक की दर से सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। तपेदिक रोग में मरीज को दवाई देने में सहयोग करने वाले चिकित्सक को भी प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। इसके अलावा डॉ चारू ने पावर प्रेसेंटेशन के माध्यम से इस रोग नियंत्रण के लिए चलाई जा रही गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
.png)




