-कांबोज धर्मशाला में उधमसिंह की 20 फुट ऊंची प्रतिमा का भी अनावरण
-शिविर में 150 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया
BY: Ravinder Saini
City
Life Haryana।रादौर : शहीद उधमसिंह कांबोज
धर्मशाला में शहीद उधमसिंह के शौर्य दिवस अवसर पर 7वें रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
जिसमें जिला उपायुक्त मुकुल कुमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। यहां सबसे पहले
जिला उपायुक्त ने कांबोज धर्मशाला में स्थापित की गई शहीद उधमसिंह की करीब 20 फुट ऊंची प्रतिमा का भी अनावरण किया।
इस दौरान लोगो ने शहीद उधमसिंह अमर रहे के नारे भी लगाएं। जिसके
बाद डीसी मुकुल कुमार ने रक्तदाताओ को बैज लगाकर उनका हौंसला बढ़ाया। शिविर में 150 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। शिविर की अध्यक्षता प्रधान
राजिन्द्र रादौरी व पूर्व प्रधान कमल चमरोड़ी ने की।
-जिला उपायुक्त ने शिष्टाचार व भारतीय संस्कृति का रखा ख्याल
इस अवसर पर डीसी मुकुल कुमार ने कहा कि आज हम शहीदों की
कुर्बानियों की बदौलत ही खुली हवा में सांस ले रहे है। अगर शहीद देश की आजादी के
लिए कुर्बानी न देते तो आजादी मुमकिन नहीं थी। इसलिए हमें शहीदो को पूजना चाहिएं
और उनका सम्मान करना चाहिएं। शहीदो ने जिस स्वर्णिम देश का सपना संजोया था हमें उस
सपने को साकार करने के लिए भी देशहित में कार्य करने चाहिएं। यहीं उन्हें सच्ची
श्रद्धाजंलि है। उन्होनें कहा कि शौर्य दिवस के अवसर पर रक्तदान शिविर का भी आयोजन
किया करना पुण्य का कार्य है। इस प्रकार के सामाजिक कार्यो से समाज में सदभावना
पैदा होती है। वही जिला उपायुक्त ने कोरोना वैक्सीनेशन के लिए भी पात्र लोगो से
वैक्सीन लेने की अपील की। उन्होंने कहा की कोरोना बीमारी को तभी हराया जा सकता है
जब प्रत्येक व्यक्ति वेक्सीनेट हो जाएगा और कोरोना से बचाव के नियमो की पालना
करेगा।
राजिन्द्र रादौरी व कमल चमरोड़ी ने बताया कि जलियावालां बाग
हत्याकांड का बदला लेने के लिए उधमसिंह ने प्रतिज्ञा की थी कि वह जरनल डायर को मौत
के घाट उतारेगा। अपने इस प्रण को पूरा करने के लिए वह विदेश की धरती पर पहुंचा और
अपना प्रण पूरा करते हुए जरनल डायर को 13 मार्च 1940 को मौत के घाट
उतारकर अपने देश के लोगो का बदला दिया। इसलिए हर वर्ष 13 मार्च को शौर्य दिवस
के रूप में मनाया जाता है।
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