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Radaur- धान के दाम में मामूली वृद्धि किसानों से मजाक : रतन सिंह देवधर

Bharatiya Kisan Sangh..

केंद्र सरकार द्वारा धान के मूल्य में की बढ़तोरी को लेकर हल्‍के के लोगों में नाराजगी, सरकार को फसलों का मूल्य निर्धारित करने से पहले किसान संगठनों की राय लेनी चाहिए.


City Life Haryanaरादौर / भारतीय किसान संघ ने खरीफ की फसलों में की गई मूल्य वृद्धि को नाकाफी बताते हुए इस पर पुर्नविचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि फसलों के उत्पादन पर बढ़ रहे खर्चे और समर्थन मूल्य में काफी अंतर है। सरकार को इस अंतर को पाटने का प्रयास करना चाहिएं। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि सरकार धान का मूल्य 2500 रूपएं करे नहीं तो किसान संघ सरकार के खिलाफ आंदोलन छेडऩे पर विवश होगा।

भारतीय किसान संघ की ओर से वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह देवधर व प्रदेश मंत्री रामबीर सिंह चौहान ने कहा कि सरकार को फसलों का मूल्य निर्धारित करने से पहले किसान संगठनों की राय लेनी चाहिए। सरकार मूल्य निर्धारण से पूर्व किसान संगठनो की राय नहीं लेती यहीं कारण है कि किसानो के मुताबिक रेट निर्धारित नहीं हो पाते। सरकार की ओर से जारी समर्थन मूल्य को देखकर यह अंदाजा लगता है कि जो संस्था मूल्य वृद्धि पर विचार करती है वह जमीन से जुड़ी हुई नहीं है। ए.सी कमरों में बैठकर योजना बनाने से किसानों को नुकसान होता है। धान की फसल मे केवल 25 रूपएं की बढ़ोतरी कर सरकार ने धान उगाने वाले किसानों के साथ घोर अन्याय किया है। आज डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं और कृषि में उपयोग होने वाली खाद, दवाइयां भी महंगी हो रही हैं। पिछले वर्षों के मुकाबले लेबर खर्च भी बढ़ गया है। 

जिसको देखते हुए सरकार को धान का मूल्य 2500 रूपएं प्रति क्विंटल करना चाहिएं। तभी किसान खुशहाल होगा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का वायदा भी पूरा होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि  धान के भाव पर पुनर्विचार करके इसमें बढ़ोतरी कर किसानों को लाभ पहुंचाया जाएं। अगर ऐसा नहीं हुआ तो भारतीय किसान संघ इसके खिलाफ आंदोलन करेगा।

आपको बता दें कि केंद्रीय कैबिनेट ने 9 जून को धान सहित कई खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी कि MSP में वृद्धि की घोषणा की। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि धान का MSP पिछले साल के 1868 रुपये प्रति क्विंटल से 72 रुपये बढ़ाकर 1940 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। कृषि मंत्री तोमर ने नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए पिछले 7 वर्षों में सरकार ने कई फैसले लिए हैं। कहा कि इस सीजन चावल खरीद से 120 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं। DBT प्रक्रिया से किसान (चावल-बाजरा का) को सीधा भुगतान मिला. नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने बाजार सत्र 2021-22 के लिए खरीफ की फसलों पर MSP को अनुमति दे दी है। खरीफ के लिए MSP औसत वृद्धि 50% से ऊपर है। 



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