अभय सिंह चौटाला :- सुप्रीम कोर्ट द्वारा उडार गगन भूमि रिलीज मामले की जांच सीबीआई से करवाने के आदेश ने भाजपा और भूपेंद्र हुड्डा के रिश्तों की खोल दी पोल, उडार गगन भूमि रिलीज मामले में भाजपा-गठबंधन सरकार नहीं चाहती थी सीबीआई जांच भूपेंद्र हुड्डा को बचाना चाहती है भाजपा-गठबंधन सरकार इसलिए सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई जांच न कराने का दिया हल्फनामा.
The BJP-JJP government in Haryana was not keen on a Central Bureau of Investigation (CBI) probe into the release of land in Rohtak to real estate developer Uddar Gagan Properties Limited, during the Congress rule.
इनेलो नेता ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने पहले शासनकाल में विधानसभा सत्र के दौरान सदन पटल पर यह घोषणा की थी कि उडार गगन भूमि रिलीज की जांच सीबीआई से करवाएंगे। लेकिन मुख्यमंत्री ने उस समय भुपेंद्र हुड्डा से सांठ-गांठ कर मामले को ठंडे बस्ते में डालते हुए इस की जांच सीनियर आईएएस अधिकारी को सौंप दी। बाद में मामले को उलझता देख मुख्यमंत्री ने खानापुर्ति के लिए इस की जांच सेवानिवृत जज को सौंप दी। इनेलो नेता ने कहा कि उस समय नेता प्रतिपक्ष होने के नाते विधान सभा में उन्होंने मुख्यमंत्री से सदन पटल पर सवाल पूछा था कि उडार गगन भूमि मामले की जांच सीबीआई से करवाने का फै सला बदल कर प्रदेश की जनता से वादाखिलाफी क्यों की.? इसका सीधा मतलब है कि मुख्यमंत्री खट्टर ने भूपेंद्र हुड्डा को बचाने के लिए यह फै सला लिया है।
The former leader of Opposition said it is now clear that the BJP-led government did not want a CBI probe in Uddar Gagan land release case and wanted to save Hooda.
“That’s why the state government gave an affidavit in the Supreme Court expressing its unwillingness to have a CBI investigation into the matter,” Chautala said. The INLD leader said the news report in HT – BJP-JJP did not want a CBI probe in the Uddar Gagan land release case – has clearly brought out the “relationship between the BJP and Hooda”.
वहीं, भाजपा-गठबंधन सरकार ने भूपेंद्र हुड्डा का बचाव करते हुए न्यायालय में हल्फनामा दिया कि 'उडार गगन मामले में मानेसर भूमि रिहाई के साथ कोई समानता नहीं बनाई जा सकती। चुंकि मामला पहले ही विस्तृत तकनीकि और कानूनी जांच से गुजर चुका है इसलिए जांच सीबीआई को सौंपने का कोई औचित्य नहीं है। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा और भाजपा की मिलीभगत प्रदेश की जनता के सामने आ चुकी है।
.png)



