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Chandigarh- अपने बच्चों को स्कूल भेजना या न भेजना अभिभावकों की मर्जी, बच्चों की कोई गैर-हाजिरी नहीं लगाई जाएगी : शिक्षा मंत्री

शिक्षा मंत्री : पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए स्कूल खोलने पर अभी विचार नहीं किया गया है.


चंडीगढ़ NEWS हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने कहा कि फिलहाल कोरोना संक्रमण के मामले न के बराबर हैं और हालात लगातार सामान्य हो रहे हैं, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। अभिभावक निश्चिंत होकर अपने बच्चों को स्कूल भेज सकते हैं। कंवरपाल ने कहा कि आगामी 16 जुलाई से 9वीं से 12वीं कक्षा तक स्कूल खोले जा रहे हैं। इसके बाद 23 जुलाई से छठी से आठवीं तक के बच्चों के लिए कक्षाएं शुरू की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए स्कूल खोलने पर अभी विचार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों पर किसी तरह का दबाव नहीं है। अपने बच्चों को स्कूल भेजना या न भेजना पूरी तरह से अभिभावकों की मर्जी पर निर्भर है। स्कूल न आने वाले बच्चों की कोई गैर-हाजिरी नहीं लगाई जाएगी।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा कोरोना की तीसरी लहर आने की लगातार आशंका व्यक्त की जा रही है। राज्य सरकार इसको लेकर पूरी तरह से सतर्क है। अगर इस तरह के हालात बनते हैं तो फिर उसी हिसाब से तुरंत फैसला लिया जाएगा क्योंकि बच्चों का स्वास्थ्य हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि मेरे हिसाब से फिलहाल बच्चे स्कूल आने के लिए और अभिभावक भी उन्हें भेजने के लिए तैयार हैं। लेकिन स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाइजेशन, फेस मास्क और टेम्प्रेचर जैसी बातों का पूरा ख्याल रखा जाएगा और इस बारे में जारी की गई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि दसवीं का परिणाम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार घोषित किया जा चुका है और अब बारहवीं का रिजल्ट भी 25 जुलाई को घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू करने के उद्देश्य से 10 कमेटियां गठित की गई थी, जिन्होंने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसके बारे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी चर्चा हो चुकी है। 

केंद्र सरकार ने वर्ष 2030 तक नई शिक्षा नीति लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है लेकिन मुख्यमंत्री ने इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए वर्ष 2025 तक ही इसे लागू करने की मंशा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही इस दिशा में कार्य कर रही थी, इसलिए हमें इस बात का फायदा अवश्य मिलेगा।

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