भाविप की ओर से ईंट भट्टे पर लगाया गया जांच शिविर
कार्यक्रम में महिला जिला अध्यक्ष सविता ऐरन ने विशेष रूप से शिरकत की। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता शाखा महिला अध्यक्ष नीलम सचदेवा ने की। इस दौरान लड़कियो को भाविप की ओर से लोहे की कढ़ाई, भुना हुआ चना, गुड़, गर्म कपड़े व फल वितरित किये गए। साथ ही उन्हें इन सबके महत्त्व के बारे विशेष रूप से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर नीलम सचदेवा ने कहा कि हीमोग्लोबिन से तात्पर्य लाल
रक्त कोशिकाओं में मौजूद ऐसे प्रोटीन से है, जो मानव शरीर के अंगों एवं टिशू में ऑक्सीजन
पहुंचाता है और कॉर्बनडॉक्साइड को अंगों से फेफड़ों में पहुंचाता है। यदि
हीमोग्लोबिन टेस्ट में हीमोग्लोबिन लेवल कम होने की पुष्टि होती है तो इसका अर्थ
है कि मानव शरीर में कम लाल रक्त कोशिकाएं कम हो रही है। एक व्यस्क व्यक्ति के
शरीर में 14 से 18 मिलीग्राम और व्यस्क महिला के शरीर में 12 से 16 मिलीग्राम
हीमोग्लोबिन हो, तभी ये कहा जा सकता है कि उनके शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर
सही है।
भूने हुए चने, गुड़, फल इत्यादि के सेवन से हम अपना हीमोग्लोबिन सही
रख सकते है। इसके अलावा शरीर में लौह पदार्थो की कमी न हो इसके लिए भोजन को लोहे
के बर्तनो में पकाना उचित माना जाता है। शाखा की महिला अध्यक्ष नीलम सचदेवा ने
बालिकाओं को कुपोषण से जुड़ी सभी समस्याओं से अवगत कराया और उन्हें अपने पौषण पर
ध्यान देने बारे विस्तार से जानकारी दी। मौके पर प्रीत गर्ग, रश्मिन कौर, सुषमा गर्ग, मनीषा अग्रवाल, सुनीता गर्ग, रूबी अग्रवाल इत्यादि
मौजूद थी।
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