ढाई घंटे पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
उनके दौरे के
देखते हुए प्रदर्शनकारी किसान रैली स्थल पर पहुंच गए और मुख्यमंत्री के लिए बनाए
गए मंच को तोड़ डाला। किसानों ने हैलीपेड को भी तहस-नहस कर दिया था।
दूसरे नाके पर
बवाल के दौरान किसानों को आगे बढ़ता देख पुलिस फोर्स ने आंसू गैस के गोले छोड़ने
शुरू कर दिए। ढाई घंटे तक यहां बवाल चलता रहा। जिसके बाद किसान खेतों की ओर दौड़ने
लगे और पुलिस फोर्स उनका पीछा कर उन्हें खदेड़ती रही। स्थिति बहुत ज्यादा
तनावग्रस्त हो गई इस दौरान पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के तत्वावधान में किसानों ने पहले घोषणा की थी। कि वे ‘किसान महापंचायत’ का विरोध करेंगे। तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं, किसान काले झंडे लिए हुए थे और बीजेपी नीत सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कैमला गांव की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे।
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