मिलेगा रख रखाव का खर्च-रजनी क्षमता संवर्धन कार्यक्रम में दिया जल बचाव का संदेश
लेकिन हमारे हरियाणा में यह लक्ष्य 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल
अनमोल है। हमें इसका घी की तरह इस्तेमाल करना चाहिए और कहीं भी जल को व्यर्थ नहीं
बहाना चाहिए। हमारे धार्मिक ग्रंथ के अनुसार भी जिस घर में जल व्यर्थ बहता है तो
उस घर में लक्ष्मी जी का भी स्थाई निवास नहीं होता और जल में देवता निवास करते
हैं। कोई भी धार्मिक कार्य की शुरुआत भी जल से ही होती है। अत: जल का
सदुपयोग करे। कहीं भी पानी को व्यर्थ ना बहने दे।
इस अवसर पर उन्होंने विभाग द्वारा ग्राम पंचायत में लगे
ट्यूबवेल को (जल घरों को) ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने की योजना बारे अवगत
कराया। उन्होंने बताया कि जिस ग्राम पंचायत में एक ट्यूबवेल है उसको 14500, 2 ट्यूबवेल पर 20 हजार, तीन ट्यूबेल पर 26500, 4 ट्यूबवेल पर 32 हजार,
5 पर 38500 एवं जिस ग्राम पंचायत में 6 ट्यूबवेल है उसे 44 हजार रुपए की धनराशि
विभाग द्वारा दी जाएगी। इसमें सभी रखरखाव, संचालन यह सभी ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी रहेगी।
अगर कोई ग्राम पंचायत ट्यूबवेल को अपने हैंड ओवर करना चाहती है तो वह इसकी सूचना
विभाग को तत्काल दे। ताकि ट्यूबवेल ग्राम पंचायत को हस्तांतरित किया जा सके।
इस अवसर पर सभी को पानी की शुद्धता को जांचने के लिए फील्ड
टेस्टिंग किटे वितरित की गई और पानी को जांचने की विधि बताई गई। प्रोजेक्टर द्वारा
जल संरक्षण पर फिल्में भी दिखाई गई। इस अवसर पर जल एवं सीवरेज समिति के कार्यों के
बारे में विस्तार से बताया गया। जल संरक्षण संबंधित पोस्टर, पंपलेट वितरित किए
गए। कार्यक्रम के पश्चात सभी ने मिलकर लोहड़ी का पर्व मनाया और एक दूसरे को बधाई
दी। इस अवसर पर सरपंच राजेश पूर्णगढ़, पंच, बीआरसी राजबीर, अशोक कुमार , आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर, पंप ऑपरेटर इत्यादि
मौजूद रहे।
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