रादौर में धुमधाम से मनाई गई माता सावित्री बाई फुले की जयंती
इस अवसर पर धनपत सैनी ने कहा कि माता सावित्री बाई फुले देश की पहली महिला शिक्षिका थी। जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में देश में महिला शिक्षा की अलख जगाई। सावित्री बाई फुले को महिला शिक्षा के कारण कई बार अपमानित भी होना पड़ा और कई प्रकार के दुख भी झेलने पड़े। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। जिसका परिणाम है कि आज पूरे देश में महिलाओ को शिक्षा का सामान अधिकार मिला हुआ है।
उन्होंने कहा कि महापुरूष किसी भी समाज के हो सबके लिए सम्मानीय
है। इसलिएं हमें महापुरूषो का सम्मान करना चाहिएं। उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती
तभी है जब एक एकजुट है। एकजुट होने का मतलब बडे बडे कार्यक्रम आयोजित करना ही
मात्र नहीं है बल्कि सही मायनो में एक एकजुट तभी है जब समाज अगर कोई निर्णय ले तो
सभी उसका सम्मान करते हुए उस निर्णय को माने।
मौके पर रामलाल पोटली, जसपाल पोटली, बिंदर सैनी, अनिल सैनी, वीरेंद्र सैनी, रवि सैनी, संदीप ठसका, दिनेश खुर्दी, मनोज सैनी, अशोक जोहल, विजय धीमान, मुकेश हैप्पी, जितेन्द्र सैनी, प्रवीन सैनी, सुरेश सैनी, मोहित सैनी, रत्तनलाल, विक्रम, बॉबी सैनी, रोहित सैनी इत्यादि मौजूद थे।
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