मुख्यमंत्री सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति अंतिम संस्कार में हुए शामिल
CITY LIFE HARYANA | यमुनानगर : सरस्वती नदी शोध संस्थान के संस्थापक एवं पदम भूषण से सम्मानित दर्शन लाल जैन का निधन, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़, विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता और शिक्षा मंत्री कंवरपाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों उनके आवास पर परिजनो को दी सांत्वना और अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
जैन नगर जगाधरी निवासी सरस्वती शोध संस्थान के संस्थापक 94 वर्षीय दर्शन लाल जैन का आज निधन हो गया। आज बुडिय़ा रोड़ जगाधरी द्वारका दास शमशान भूमि में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस की टुकडी ने मातमी धुन बजाकर और राऊड फायर कर गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
उनकी शव यात्रा व अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री मनोहर लाल, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़, विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, शिक्षा, पर्यटन एवं वन मंत्री कंवर पाल, यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, पूर्व मंत्री कर्णदेव काम्बोज, नगर निगम के मेयर मदन चौहान, पूर्व विधायक बलवंत सिंह, अर्जुन सिंह, नगर निगम के आयुक्त धर्मबीर सिंह, पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल, अतिरिक्त उपायुक्त रणजीत कौर सहित बड़ी संख्या में राजनैतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि व स्थानीय लोग शामिल हुए और उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किए।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दर्शन लाल जैन के निधन से दु:खी हूँ और उनकी याद हम सबके दिलों में सदैव जीवित रहेगी। उन्होंने ईश्वर से पुण्य आत्मा की शांति की प्रार्थना भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले पूर्व प्रांत संघ संचालक हरियाणा दर्शन लाल जैन जीवन भर समाज सेवा में समर्पित रहे और उन्होंने देश की स्वतंत्रता, शिक्षा, सामाजिक गतिविधियों, सरस्वती नदी के पुर्नउद्घार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका व्यक्तित्व, सादगी एवं जन सेवा से परिपूर्ण था ।
उन्होंने दर्शन लाल जैन के साथ अपने संस्मरण दोहराते हुए कहा कि वर्ष 1984 से वे उनके सम्पर्क में रहे और दर्शन लाल जैन के संघ प्रचारक रहते उनकी टीम में लम्बे समय तक कार्य किया। उनकी सोच पूरे समाज को साथ जोडक़र चलने की थी और यदि किसी पदाधिकारी से कोई गलती होती थी तो बड़ी आत्मियता के साथ उसे सुधारने के लिए प्रेरित करते थे।
उन्होंने कहा कि सरस्वती उदगम स्थल के पुर्नउद्वार के कार्य में उनका सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा है और उनके प्रयासों से ही इस नदी को धरातल पर पुर्न जीवित करने के प्रयास आरम्भ किए गए। उन्होंने कहा कि सरस्वती नदी की इस परियोजना को साकार रूप देकर स्वर्गीय दर्शन लाल जैन को सच्ची श्रद्घाजंलि देने का प्रयास किया जाएगा।
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