नगली घाट पर प्राकृतिक धारा से हो रही छेड़छाड़ तो वहीं निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास ही नियमो के विपरीत हो रहा खनन
BY: Ravinder Saini
हालत अब यह है कि यमुनानदी में न केवल प्राकृतिक धारा से
छेडछाड़ हो रही है वहीं करोड़ो रूपए की लागत से उत्तर प्रदेश व हरियाणा को जोडऩे
के लिए नगली घाट पर तैयार हो रहे ओवरब्रिज के पास भी खनन प्रक्रिया जारी है। जबकि
नियमानुसार ओवरब्रिज के पास एक निश्चित दूरी तक खनन करने की अनुमति नहीं दी जा
सकती। फिर भी यहां ऐसा धड्डल्ले से किया जा रहा है। जिसको लेकर प्रशासनिक कार्रवाई
पर हर बार की तरह इस बार एक प्रश्रचिह्नं लगा हुआ है।
-नियम ताक पर रखकर यमुनानदी में प्राकृतिक धारा को अवरूद्ध कर
किया जा रहा है खनन
-ओवरब्रिज के लिए भी घातक है टूट रहे नियम
नगली घाट पर सरकार की ओर से करीब 104 करोड़ रूपए की लागत से ओवरब्रिज का कार्य करवाया जा रहा है। यह ब्रिज हरियाणा को उत्तरप्रदेश की सीमा से जोड़ेगा। ओवरब्रिज का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि सैंकड़ो किसानो की भूमि यमुनानदी पार है। वहां पहुंचने में उन किसानो को अपनी जान का जोखिम उठाना पड़ता है लेकिन ओवरब्रिज बनने से उन्हें राहत मिलेगी। लेकिन इस ओवरब्रिज के के तैयार होने से पहले ही इसे नुकसान पहुंचाए जाने की नींव तैयार हो रही है। जिसके पीछे भी खनन एजेसिंयो का मनमाना रवैया व अधिकारियो अनदेखी शामिल है। नियम के अनुसार ओवरब्रिज के दोनो और करीब करीब 1 किलोमीटर तक खनन नहीं किया जा सकता। लेकिन केवल मात्र 1०० मीटर की दूरी पर खनन एजेंसी लगातार खनन कर रही है। लेकिन न तो सिंचाई विभाग के अधिकारियो और न ही खनन व ओवरब्रिज का निर्माण करवा रहे पीडब्लयूडी विभाग के अधिकारियो की इस पर कोई नजर पड़ रही है।
-न लिखित शिकायत पर होती कार्रवाई और न ही अधिकारी उठाते है फोन
क्षेत्रवासी बलविन्द्र सिंह, मनोज, सतनाम, पंकज इत्यादि का कहना है कि यमुनानदी में लगातार नियम टूट रहे है। क्षेत्र के ग्रामीण लगातार इसकी शिकायत पर भी अधिकारियो से कर रहे है। लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। लिखित में शिकायत होने पर उस पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की जाती है और जब फोन के माध्यम से ग्रामीण अधिकारियों पर शिकायत करना चाहते है तो अधिकारी फोन उठाना ही मुनासिफ नहीं समझते। अगर किसी शिकायत पर अधिकारी मौके पर आ भी जाए तो पहले इसकी सूचना संबंधित ठेकेदार को दी जाती है। जब तक अधिकारी मौके पर आते है संबंधित ठेकेदार अपने कुछ चेहते लोगो को मौके पर बुलाकर अधिकारियो के सामने उसकी शिकायत को दबाने या फिर झूठा साबित करवाने की पटकथा तैयार कर लेते है।
-संडे मनाने में व्यस्त रहे अधिकारी
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