सरकार का बजट बुनियादी सरंचनाओं का विकास, सडक़, परिवहन,रक्षा से सुरक्षा पर है
सांसद नायब सिंह सैनी शनिवार को सर्किट हाउस में बजट को लेकर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा, पूर्व विधायक डा.पवन सैनी, भाजपा के जिला अध्यक्ष राजकुमार सैनी, महामंत्री सुशील राणा, भाजपा नेता श्याम लाल जांगडा, जसविन्द्र बहादुरपुरा, विक्रम, सुभम, विनित क्वातरा आदि ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया है। सांसद ने कहा कि बजट में कृषि सुधार व किसान कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। किसान की आय को दोगुना करने के लक्ष्य पर आगे बढ़ते हुए किसानों की उपज की लागत से ढेड गुणा एमएसपी देने का प्रावधान बजट में रखा गया है। कृषि ऋण की उपलब्धता को सुगम बनाने के लिए पिछले बजट की तुलना में 10 प्रतिशत की बढोतरी करते हुए सरकार ने इसे 16.5 लाख करोड़ किया है, माईक्रो इरिगेशन के बजट में दुगनी बढोतरी कर 10 हजार करोड़, राष्टï्रीय ई-बाजार से 1000 मंडियों को जोडने, ग्रामीण विकास की निधि को 40 हजार करोड करने तथा 2013-14 की यूपीए सरकार की तुलना में वर्तमान सरकार ने वर्ष 2020-21 में कई गुणा अधिक गेहूं, धान, दाल की खरीद की है।
उन्होंने कहा कि धान व गेहूं की एमएसपी वर्ष 2013-14 में 1310 रुपए व 1400 प्रति क्ंिवटल थी, जिसे वर्ष 2020-21 में बढाकर 1868 व 1975 प्रति क्ंिवटल किया गया। वर्ष 2013-14 में कृषि विभाग का बजट आबंटन 21933.50 करोड रुपए था जो वर्ष 2021-22 में 5.5 गुणा से अधिक बढोतरी के साथ 123017.57 करोड रुपए हो गया है, वर्ष 2019-20 में एमएसपी खरीद से 2 करोड से अधिक किसाना लाभान्वित हुए, 1 फरवरी तक देश में कुल 604 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है जोकि पिछले वर्ष की इस अवधि की अपेक्षा 18 प्रतिशत अधिक है। अभी तक 88 लाख किसानों को 114042 करोड का भुगतान किया गया है। यह खरीद एमएसपी पर की गई है जो आगे भी जारी रहेगी। धान के लिए वर्ष 2013-14 में 62264 करोड का भुगतान किया गया था, वर्ष 2019-20 में यह राशि बढकर 140857 करोड हो गई, वर्ष 2020-21 में स्थिति और बेहतर हुई और इस अवधि में यह राशि बढकर 172752 करोड होने का अनुमान है। देश के किसानों को पर्याप्त कृषि ऋण उपलब्ध करवाने के लिए अधिक से अधिक किसानों तक केसीसी का लाभ पहुंचाने के लिए वित्त वर्ष 2022 में कृषि ऋण के लक्ष्य को 15 लाख करोड रुपए से बढाकर 16.5 लाख करोड रुपए किया गया। कपास के किसानों को मिलने वाली राशि में भी वृद्घि हुई, वर्ष 2013-14 के 90 करोड से बढकर 27 जनवरी 2021 तक 25974 करोड रुपए हो गई। दालों के लिए 2013-14 में 236 करोड का भुगतान किया गया तथा वर्ष 2019-20 में बढकर 8285 करोड और 2020-21 में 10530 करोड रुपए हो गई।
सांसद ने कहा कि उज्ज्वला योजना से अब तक 8 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हुई। बजट में इसका विस्तार करते हुए इस योजना से 1 करोड़ नए लाभार्थी महिलाओं को जोडने का प्रस्ताव किया गया है, प्रवासी मजदूरों के लिए शुरू एक देश एक राशन योजना के क्रम में एक पोर्टल के माध्यम से प्रवासी कामगारों से जुडा डाटा जोडा जाएगा, वन नेशन वन राशन कार्ड को 32 राज्यों में लागू किया जाएगा। महिलाओं को सभी शिफ्ट में काम करने तथा रात्रि की शिफ्ट में सुरक्षा का प्रावधान रखा गया है। स्वास्थ्य बजट को पिछले वर्ष की तुलना में 137 फीसदी की बढोतरी करते हुए बजट में 2.38 लाख करोड का प्रावधान किया है। कोविड वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़ का प्रावधान किया है, स्वास्थ्य बजट के तहत 64180 करोड़ रुपए से प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना शुरू करने का भी प्रावधान है। उन्होंने कहा कि हायर एजुकेशन कांउसलिंग गठित करने, 100 नए सैनिक स्कूल खोलने, नेशनल रिर्सच फाउंडेशन के लिए 50 हजार करोड, जनजातिय सामुदाय वाले क्षेत्रों में नए स्कूलों के निर्माण के लिए 38 हजार करोड, व लेह में विश्वविद्यालय की स्थापना करने का प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सडक़ परिवहन और राजमार्ग के लिए 1 लाख 18 हजार करोड़, रेलवे प्रणाली विकसित करने के लिए 1.10 लाख करोड़, सार्वजनिक परिवहन को और जन सुलभ बनाने व विभिन्न शहरों में मैट्रो के विस्तार, 20 हजार नई बसें शुरू करने का प्रावधान है। आत्मनिर्भर भारत के तहत 13 सैक्टरों को इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का वैश्विक चैम्पियन बनाने के लिए अगले 5 साल में 1.97 लाख करोड रुपए खर्च किए जाएंगे। जल जीवन मिशन शहरी के लिए अगले 5 साल में 2.87 लाख करोड तथा शहरी स्वच्छ भारत मिशन के लिए 5 वर्ष की अवधि में 1 लाख 41 हजार 678 करोड आबंटन का प्रस्ताव है। सांसद ने कहा कि 4.78 लाख करोड रुपए के रक्षा बजट में सैन्य साजो सामान की खरीद में खर्च होने वाला पूंजीगत व्यय भी पिछले वर्ष की तुलना में 22 करोड से अधिक होकर 1.35 लाख करोड़ किया गया है। इस बजट में सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों में 20 हजार करोड के निवेश, बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा को 74 प्रतिशत तक बढाने तथा स्टार्टअप के लिए प्रक्रिया को और सरल बनाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही 75 साल से अधिक के वरिष्ठï नागरिकों को टेक्स रिटर्न भरने में छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी जनगणना भारत की पहली डिजीटल जनगणना होगी, इसके लिए 3768 करोड़ रुपए आवंटित किए गए है। सभी वाहन फिटनेस टेस्ट में गुजरेंगे, इसके लिए वालियंटरी वाहन स्क्रपिंग नीति की घोषणा की है।
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