HARYANA RAJYA MAHILA
AYOG MEETING
भारत में घरेलू
हिंसा की घटनाएं व्यापक रूप से विद्यमान है और इस तहत महिला संरक्षण घरेलू हिंसा
अधिनियम 2005 कानून बनाया गया
City
Life Haryana।चंडीगढ : भारत में घरेलू हिंसा की घटनाएं व्यापक रूप से
विद्यमान है और इस तहत महिला संरक्षण घरेलू हिंसा अधिनियम 2005
कानून बनाया गया। पिछले 16
सालों में घरेलू हिंसा की स्थिति क्या रही और महिला के
पीड़ित होने पर,
संरक्षण विधि में उपचार/प्रावधान जो बनाए गए हैं,
उनका प्रभाव कितना रहा है उस पर - आज हरियाणा राज्य
महिला आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष प्रीति भारद्वाज दलाल ने जिला आयुक्त पंचकूला के
कांफ्रेंस हॉल में हरियाणा के 10
जिलों की डिस्ट्रिक्ट प्रोटेक्शन ऑफिसर (DPO)
और प्रोग्राम
ऑफिसर (PO)
की मीटिंग ली।
आयोग के अधिनियम 2012
के तहत महिलाओं
को प्रभावित करने वाले संविधान व अन्य विधियों के विद्यमान उप-बंधुओं का समय-समय
पर पुनर्विलोकन करना और उनके संशोधनों की सिफारिश करना है - जैसे कि ऐसे विधाओ में
यदि कोई कमी है,
अपर्याप्तता है या त्रुटि है उसको दूर करने के लिए अचारी
विधाई उपायों का सुझाव दिया जा सकेl
इस कड़ी में आज गृह क्लेश से महिला संरक्षण
अधिनियम 2005,
बाल विवाह अधिनियम,
सुकन्या समृद्धि योजना,
आपकी बेटी हमारी
बेटी योजना पर रिव्यू मीटिंग हुई।
अंबाला,
यमुनानगर,
कैथल,
करनाल,
पानीपत,
सोनीपत,
पंचकूला,
झज्जर,
जींद और रोहतक
आदि जिलों के प्रोटेक्शन ऑफिसर और प्रोग्राम ऑफिसर ने अपनी बढ़-चढ़कर सहभागिता
दिखाते हुए अपने जिलों में महिला सुरक्षा संरक्षण से संबंधित अनेक संबंधित पहलुओं
पर रोशनी डालते हुए,
आयोग के साथ अनेक मामले साझा करते हुए,
सुझाव भी दिए। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति क्या रही और किस प्रकार से
शिकायतों का निपटान किया जाता है व काउंसलिंग, mediation
प्रक्रिया में
क्या बाधाएं आती हैं,
इस पर भी गहन चर्चा हुई। जैसा कि वन स्टॉप सेंटर हर जिले में बनाए गए
हैं उनकी कार्यप्रणाली और किस प्रकार से उन्हें और बेहतर तरीके से ऑपरेशनल और
रक्षक चरण रूप में बनाया जा सकता है,
इस पर भी आयोग ने सुझाव दिए और सभी से लिए l
महिला
डिस्ट्रिक्ट प्रोटेक्शन ऑफिसर ने अनेक मामलों में बाल विवाह रुकवाने के साहस पूर्ण
प्रयासों की शौर्य गाथाएं सुनाई।
केंद्र व हरियाणा
सरकार द्वारा चलाई जा रही महिलाओं और बच्चों से संबंधित अनेक योजनाएं और
परियोजनाओं पर डीपीओ (DPO) और PPO किस प्रकार से इन
परियोजनाओं को आम महिला और परिवार से जोड़ती है, ताकि इनका लाभ पूर्ण रूप
से मिल सके, पर भी चर्चा हुई व सुझाव सांझा किए गए। हरियाणा राज्य महिला आयोग द्वारा डिजाइन की गई महिलाओं व बच्चों संबंधी
उत्साहवर्धक टी-शर्ट देकर सभी प्रोटेक्शन ऑफिसर और प्रोग्राम ऑफिसर का उत्साहवर्धन
किया गया l बाकी बचे 12 जिलों में रिव्यू मीटिंग आगामी सप्ताहों में
की जाएंगी।
इस मीटिंग में
हरियाणा स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी एडवोकेट मनवीर राठी,
एडवोकेट अमन जैन,
पंजाब हरियाणा
हाई कोर्ट,
श्रीमती बलजीत कैंथ,
श्रीमती कमलेश कुमारी,
श्रीमती करमिंदर
कौर,
श्रीमती सुनीता,
श्रीमती संतोष नैन,
अरविंदरजीत कौर,
सोनिया सबरवाल,
भानु ग़ौर,
रजनी गुप्ता,
आरु वशिष्ठ और
आयोग के अधिकारी मीटिंग में सम्मिलित हुए।