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Chandigarh- किसानों के भुगतान में यदि हुई देरी तो 9 प्रतिशत ब्याज के साथ किया जाएगा भुगतान

1 अप्रैल 2021 से शुरू होने वाले रबी सीजन 2021-22 के दौरान किसानों को किए जाने वाले भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं होने दी जाएगी, देरी होती है तो लगभग 9% ब्याज (बैंक दर और 1%) के साथ भुगतान किया जाएगा
 
यह भुगतान किसानों के सत्यापित बैंक खातों में सीधे किया जाएगा
 
गेहूं और सरसों की खरीद 1 अप्रैल से शुरू की जाएगी

जबकि अन्य फसलों की खरीद 10 अप्रैल से आरंभ होगी


                                                  BY: Rahul Sahajwani


City Life Haryanaचंडीगढ़ :  हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि 1 अप्रैल 2021 से शुरू होने वाले रबी सीजन 2021-22 के दौरान किसानों को किए जाने वाले भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। यदि भुगतान में देरी होती है तो लगभग 9 प्रतिशत ब्याज (बैंक दर और एक प्रतिशत) के साथ भुगतान किया जाएगा। यह भुगतान किसानों के सत्यापित बैंक खातों में सीधे किया जाएगा। मुख्यमंत्री आगामी खरीद सीजन की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी उपस्थित थे।

मनोहर लाल ने कहा कि किसानों को एक निर्धारित समय अवधि के भीतर खरीदी गई उपज का भुगतान किया जाना सुनिश्चित किया जाए। भुगतान में देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समय पर भुगतान हो यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारियां तय की जानी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने फसलों की सुचारू खरीद के लिए किए जा रहे प्रबंधों की समीक्षा की और संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए कि किसानों को मंडियों में अपनी उपज बेचते समय किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सुगम और समय पर खरीद सुनिश्चित करने के लिए एडवांस में शेड्यूलिंग की योजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कोविड-19 मामलों में अचानक हो रही वृद्धि को देखते हुए खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए पिछले वर्ष की तरह इस बार भी खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। गेहूं और सरसों की खरीद 1 अप्रैल से शुरू होगी जबकि अन्य फसलों की खरीद 10 अप्रैल से आरंभ होगी। खरीद केंद्रों की स्थापना के लिए जल्द से जल्द स्थानों को चिहिन्त कर लिया जाए।


मुख्यमंत्री ने मंडी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि मंडियों में मजदूरों की उपलब्धता, धर्म कांटा, बारदाना और सिलाई मशीन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मंडियों पर परिवहन की व्यापक व्यवस्था की जानी चाहिए और यदि कोई ट्रांसपोर्टर 48 घंटों के भीतर फसल का उठान करने में विफल रहता है, तो उपायुक्त अन्य वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था कर फसल का उठान सुनिश्चित करें।

बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि इस बार भुगतान मॉड्यूल को ई-खरीद पोर्टल से एकीकृत कर दिया गया है और इस उद्देश्य के लिए कई बैंकों को एम्पेनल्ड किया गया है।

अनुराग रस्तोगी ने बताया कि फसल के समय पर उठान, खरीद प्रक्रिया के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि आढ़ती या किसानों को समस्या का सामना न करना पड़े।


उन्होंने बताया कि खरीद सीजन के दौरान कोविड़-19 नियमों व अन्य नियमों का अनुपालन करने के लिए सभी उपायुक्तों को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) / दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा, खरीद संचालन में लगे लोगों के स्वास्थ्य जोखिम को कम करने के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिगत व्यवस्था भी पहले से कर ली गई है। उपायुक्तों को यह भी निर्देश जारी किए गए हैं कि प्रत्येक खरीद केंद्र पर कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, मुख्यमंत्री की उप प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक विनय सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक हरदीप सिंह, हैफेड के प्रबंध निदेशक डी. के. बेहरा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक चंद्र शेखर खरे, हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजीव रतन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 



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