1 अप्रैल 2021 से शुरू होने वाले रबी सीजन 2021-22 के दौरान किसानों को किए जाने वाले भुगतान में किसी प्रकार
की देरी नहीं होने दी जाएगी, देरी होती है तो
लगभग 9% ब्याज (बैंक दर और 1%) के साथ भुगतान किया जाएगा
यह भुगतान किसानों
के सत्यापित बैंक खातों में सीधे किया जाएगा
गेहूं और सरसों की
खरीद 1 अप्रैल से शुरू की जाएगी
जबकि अन्य फसलों की खरीद 10 अप्रैल से आरंभ होगी
मनोहर लाल ने कहा कि किसानों को एक निर्धारित समय अवधि के भीतर खरीदी गई उपज का भुगतान किया जाना सुनिश्चित किया जाए। भुगतान में देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समय पर भुगतान हो यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारियां तय की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कोविड-19 मामलों में अचानक हो रही वृद्धि को देखते हुए खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए पिछले वर्ष की तरह इस बार भी खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। गेहूं और सरसों की खरीद 1 अप्रैल से शुरू होगी जबकि अन्य फसलों की खरीद 10 अप्रैल से आरंभ होगी। खरीद केंद्रों की स्थापना के लिए जल्द से जल्द स्थानों को चिहिन्त कर लिया जाए।
बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि इस बार भुगतान मॉड्यूल को ई-खरीद पोर्टल से एकीकृत कर दिया गया है और इस उद्देश्य के लिए कई बैंकों को एम्पेनल्ड किया गया है।
अनुराग रस्तोगी ने बताया कि फसल के समय पर उठान, खरीद प्रक्रिया के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पहले ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि आढ़ती या किसानों को समस्या का सामना न करना पड़े।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर, मुख्यमंत्री की उप प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक विनय सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक हरदीप सिंह, हैफेड के प्रबंध निदेशक डी. के. बेहरा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक चंद्र शेखर खरे, हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजीव रतन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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