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अर्जुन व जैसमीन चौटाला खुद संभाल रहे अस्पताल की व्यवस्था
City
Life Haryana।हरियाणा डेक्स : टिकरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे
किसानों के स्वास्थ्य को मध्यनजर रखते हुए, जननायक चौधरी देवीलाल नि:शुल्क किसान
अस्पताल का उद्घाटन चौधरी राकेश टिकैत की अध्यक्षता में किया गया। जननायक चौधरी
देवीलाल जी का दिखाया मार्गदर्शन ही हमारे लिए मंजिल है।
इंडियन नेशनल लोकदल ने टीकरी बार्डर पर
तीन काले कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों के लिए 40 बैड का अस्थाई
अस्पताल चिकित्सा के खोल दिया। इस अवसर पर इनेलो की छात्र ईकाइ के राष्ट्रीय
प्रभारी अर्जुन चौटाला ने कहा कि बार्डर पर धरने पर बैठे किसानों के स्वास्थ्य को
लेकर सबसे बड़ी समस्या थी।
सरकार किसानों को स्वास्थय सुविधाओं से वंचित रखना
चाहती थी, ताकि आंदोलन को खत्म किया जा सके। हमारी पार्टी ने फैसला किया कि जितनी
ज्यादा हो सके किसानों को स्वास्थ्य चिकित्सा सुविधा प्रदान करेंगे। उसी कड़ी में
पार्टी ने टीकरी बार्डर पर एक मैडीकल कैंप बनाने का फैसला किया जिसमें 40 बैड का अस्थाई
अस्पताल बनाया गया ताकि किसानों के स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा सके।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में तीन वार्ड
बनाए गए हैं जिसमें दो वार्ड जनरल के हैं और एक वार्ड महिलाओं के लिए बनाया गया
है।
मैडिकल सुविधा न होने के कारण हुई
किसानों की मौतों पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए अर्जुन चौटाला ने कहा कि सरकार किसानों की मदद करना तो दूर वो यह भी मानने को तैयार नहीं हैं कि उनकी तरफ से किसानों को दी जाने वाली मदद में कटौती की गई है जो कि किसानों का
मौलिक अधिकार है। साथ ही अर्जुन ने कहा कि सरकार के मंत्री द्वारा किसानों को
अपशब्द कहे गए जो बेहद निंदनीय है।
अर्जुन चौटाला ने विपक्ष में बैठे
विधायकों को भी आड़े होथों लेते हुए कहा कि वो विधायकों वाली तनख्वाह लेने, सरकारी शुरक्षा
लेने, सरकारी घर लेने में और किसानों के बीच जाकर झुठी बात कहने
में उनका जमीर मान गया लेकिन किसानों के लिए इस्तीफा देनें के लिए अभी तक उनका
जमीर नहीं माना। उन्होंने कहा कि अगर वो सच में किसानों के हितैषी हैं तो इस्तीफा
देकर धरने पर बैठे किसानों के बीच में आएं, किसान उनका दिल खोल कर स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि कहने
वाले बहुत हैं लेकिन करने वाले सिर्फ अभय चौटाला के अलावा और कोई नहीं है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष में बैठे
विधायकों को अब यह बात चुभ रही है कि अभय सिंह चौटाला ने किसानों के पक्ष में
इस्तीफा दिया क्योंकि विपक्ष के विधायक अब जब गांव में जाते हैं तो किसान उन्हें गांव में
घुसने नहीं देते।