2021 का साल आंदोलन का साल : राकेश टिकैत
तीन कृषि कानूनों को लेकर सरकार और किसानों के बीच बातचीत कब होगी ये ना किसान जानते हैं ना ही सरकार लेकिन किसान संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले महापंचायत करने में लगे हुए हैं। आज करनाल के असंध में महापंचायत में अलग अलग ज़िलों से किसान पहुंचे, जो सरकार का विरोध करते हुए नजर आए। टिकैत ने जहां कहा कि 2021 का साल आंदोलन का साल है
वहीं गुरनाम ने भी कहा कि जैसे सीएम मनोहर लाल और दुष्यन्त का कार्यक्रम नहीं होने दिया था , वैसे ही बाकी विधायकों का भी कार्यक्रम मत होने देना जिन्होंने कृषि कानूनों का समर्थन किया है। किसान नेता राकेश टिकैत ने मंच से कहा कि ये आंदोलन नवम्बर, दिसम्बर तक चलेगा, जब हरियाणा आंदोलन के साथ खड़ा हो जाता है तो सरकार कांपने लगती हैं, जैसा आंदोलन दिल्ली में चल रहा है , वैसा आंदोलन बैंगलुरु में होगा , सरकार ने बहुत कोशिश की हमें तोड़ने की , लेकिन हम एक जुट रहे। जहां जहां अब हम मीटिंग कर रहे हैं वहां कर्फ्यू लगा रहे हैं और लॉक डाउन लगा रहे हैं , लेकिन कुछ कर लें, आंदोलन खत्म नहीं होगा।
कल भारत बन्द को लेकर इस किसान महापंचायत के ज़रिए एक नई जान फूंकने का काम किया है। भारत बन्द कितना सफल रहता है, क्या सरकार पर उसके बाद दबाव बनता है और अगर दबाव बनता है तो क्या फिर बातचीत को अगला कदम उठता है, ये वक़्त बताएगा।
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