केसीजीएमसी में 10 टन क्षमता का और बनाया जाएगा ऑक्सीजन
स्टोरेज टैंक
नहीं रहेगी
ऑक्सीजन की कमी
जिले में कोरोना
महामारी से बचाव के लिए व्यापक प्रबंध
- किसने क्या परामर्श दिया..?
घरौंडा के विधायक हरविन्द्र कल्याण ने सलाह दी कि कोरोना की पहली लहर में शहर व गांवों में सैनिटाईजर स्प्रे करने का अभियान चला था, यदि शहर की तरह गांव में भी इसको चलाया जाए तो इससे फायदा मिलेगा। इस पर डीसी निशांत कुमार यादव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में नगरनिगम सैक्टरों व दूसरे ईलाकों को सैनिटाईज करने में लगा है, अब ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम सचिवों के माध्यम से यह काम करवाया जाएगा। गंभीर मरीज को ईलाज में विलंब न हो इसके लिए घरौंडा में ऑक्सीजन की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके अलावा आपी वैल्टर अस्पताल बसताड़ा में वैंटिलेटर बैडों की संख्या बढ़ाई जाए।
इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप ने कहा कि हल्के के लोग विधायक से अस्पताल में हो रहे कोविड ईलाज की जानकारी और सहायता के लिए आते हैं। इस तरह की जानकारी के लिए केसीजीएमसी के निदेशक समय पर कॉल को अटैंड कर लें ताकि लोगों को वास्तविकता से रूबरू करवाया जा सके। गंभीर मरीज को ईलाज में विलंब न हो इसके लिए इंद्री में ऑक्सीजन की व्यवस्था की जानी चाहिए।
नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर ने कहा कि कोरोना की उत्पत्ति कैसे हुई और उसे कैसे रोका जा सकता है, इस बात पर जोर दिया जाना चाहिए। पूर्व विधायक बख्शीश सिंह ने सुझाव दिया कि असंध के गंभीर मरीज को ईलाज में विलंब न हो इसके लिए असंध के अस्पताल में ऑक्सीजन की व्यवस्था की जानी चाहिए। इस पर डीसी ने कहा कि असंध ही नहीं घरौंडा व इंद्री में भी अस्पताल के अंदर ऑक्सीजन की व्यवस्था का सुझाव अच्छा है और यह समय की मांग भी है, इसका इंतजाम शीघ्र ही किया जाएगा। गंभीर मरीज को ईलाज में विलंब न हो इसके लिए नीलोखेड़ी में ऑक्सीजन की व्यवस्था की जानी चाहिए।
- अस्पतालों में प्रतिदिन बैडों की उपलब्धता, रोगियों की संख्या होनी चाहिए सार्वजनिक : कपिल अत्रेजा
बैठक में संगठन के विभाग संपर्क प्रमुख
कपिल अत्रेजा और प्रशासन के साथ कोर्डिनेट कर रहे अन्य सदस्यों ने भी सुझाव दिए।
उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों में प्रतिदिन बैडों की उपलब्धता, रोगियों की संख्या
और रेट सार्वजनिक रहने चाहिए ताकि जनता को सही जानकारी मिलती रहे। इस पर डीसी ने
बताया कि सभी निजी अस्पतालों में कोविड ईलाज के लिए निर्धारित रेट डिस्पले करवाए
गए हैं।
- जिला कोविड प्रबंधन की प्रैजेंटेशन के साथ डीसी ने दी ताजा
जानकारी
उन्होंने बताया कि फूसगढ़ के सामुदायिक केन्द्र में 250 बैड का कोविड केयर
सैंटर बनाया गया था अब इसे कोविड अस्पताल में तब्दील करने जा रहे हैं। बैडों की
स्थिति के बारे में उन्होंने बताया कि जिला में 448 ऑक्सीजन युक्त बैड में इनमें से 419 भरे हुए हैं। जबकि
आईसीयू के भी 219 बैड मरीजों से भरे हैं। करनाल के केसीजीएमसी में प्रदेश का
सबसे बड़ा आईसीयू सैंटर है। शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज के लिए 20 मॉनिटर उपलब्ध हो
जाएंगे। केसीजीएमसी में ही 10 हजा क्षमता का नया टैंक अगले एक-दो दिन में आ जाएगा।
उन्होंने एक अच्छी खबर दी कि 75 लाख रुपये की लागत से 500 ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदे जाएंगे इसमें शहर
की पीस कमेटी और सरकार का सहयोग रहेगा तथा इस सुविधा से केसीजीएमसी में 200 अतिरिक्त बैड
बढ़ाए जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त शहर के सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट
स्थापित करने पर काम चल रहा है, यह अगले एक से दो माह में पूरा हो जाएगा। करनाल का ऑक्सीजन
कोटा 10 से 12 टन हो गया है। वैंटिलेटर 125 हैं जबकि मात्र 15 रोगी ही वैंटिलेटर
पर हैं।
कंसलटेटिव कमेटी की बैठक में एडीआर सैंटर
की सीजेएम जसबीर, एसीयूटी नीरज कादियान, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला, केसीजीएमसी के
निदेशक डा. जगदीश दुरेजा, सिविल सर्जन डा. योगेश शर्मा, आईएमए के प्रधान डा. केबी जैन, पूर्व जिलाध्यक्ष
अशोक सुखीजा, भाजपा नेता प्रवीण लाठर, सेवा भारती के प्रांतीय अध्यक्ष सतीश
चावला, संगठन के जिला प्रचारक महेन्द्र सिंह नरवाल, डा. अशोक, विनीत खेड़ा, दिनेश गर्ग, राकेश कुमार, राजेश लाम्बा, दिनेश कुमार, राहुल, रवि अत्री, गुरदीप राणा व
कैलाश चौहान भी मौजूद रहे।
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