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Kurukshetra- गीता स्थली ज्योतिसर विश्व स्तरीय दर्शनीय स्थल के रुप में होगा विकसित : मुकुल

𝐊𝐮𝐫𝐮𝐤𝐬𝐡𝐞𝐭𝐫𝐚 𝐃𝐞𝐩𝐮𝐭𝐲 𝐂𝐨𝐦𝐦𝐢𝐬𝐬𝐢𝐨𝐧𝐞𝐫 𝐌𝐮𝐤𝐮𝐥 𝐊𝐮𝐦𝐚𝐫_ 

ज्योतिसर में 10 करोड़ रुपए की लागत से भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरुप को स्थापित करने का कार्य शुरुउपायुक्त मुकुल कुमारकेडीबी मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ाकेडीबी सीईओ अनुभव मेहता ने भूमि पूजन कर किया निर्माण कार्य का शुभारम्भ. 


City Life Haryanaकुरुक्षेत्र / उपायुक्त मुकुल कुमार ने कहा कि गीता स्थली ज्योतिसर में बन रहे प्रोजैक्टस उत्तर भारत के सबसे बेहतरीन प्रोजैक्टस होंगे। इस स्थल पर बनने वाले प्रोजैक्टस के लिए दुनिया की सबसे बेहतरीन तकनीकी को अपनाया जा रहा है और सरकार का प्रयास है कि ज्योतिसर के प्रोजैक्टस पूरी दुनिया में अपनी एक अनोखी छाप छोडेंगे। अहम पहलू यह है कि ज्योतिसर तीर्थ पर बनने वाले भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरुप पर 10 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

उपायुक्त मुकुल कुमार शुक्रवार को ज्येष्ठ शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर गीता उपदेश जन्मस्थली ज्योतिसर तीर्थ पर विश्व स्वरुप की प्रतिमा स्थापना कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले उपायुक्त मुकुल कुमार, केडीबी मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, केडीबी सीईओ अनुभव मेहता ने ज्योतिसर तीर्थ पर भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरुप की भव्य कांस्य प्रतिमा की स्थापना के लिए भूमि पूजन किया और हवन यज्ञ में पूर्ण आहुति डाली है। उपायुक्त मुकुल कुमार ने कहा कि विश्व स्वरुप की इस भव्य प्रतिमा की स्थापना से ज्योतिसर तीर्थ की गरिमा एवं प्रासंगिकता बढ़ेगी तथा कुरुक्षेत्र अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के मानचित्र पर अपना विशेष स्थान बनाएगा।

उपायुक्त ने कहा कि इस प्रोजैक्टस पर तकरीबन 10 करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी। गीतास्थली ज्योतिसर में महाभारत थीम जैसे विभिन्न प्रोजैक्टस का निर्माण कार्य प्रगति पर है और इस तीर्थ पर बनने वाले प्रोजैक्टस उत्तर भारत के सबसे बेहतरीन प्रोजैक्टस होंगे। इन प्रोजैक्टस पर केन्द्र और राज्य सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। इन प्रोजैक्टस के निर्माण में दुनिया की सबसे बेहतरीन और नवीनतम तकनीकी को अपनाया जा रहा है ताकि सभी प्रोजैक्टस पूरे विश्व में अपनी एक अनोखी छाप छोडे। 

उन्होंने कहा कि ज्योतिसर तीर्थ में दुनिया के सबसे बेहतरीन लैंडस्केपिंग की जाएगी। इस तीर्थ में करीब 1 लाख स्कवेयर फीट में प्रोजैक्टस स्थापित किए जा रहे है। इन प्रोजैक्टस को अंतर्राष्टï्रीय मानकों को जहन में रखकर तैयार किया जा रहा है ताकि रोजाना 10 हजार पर्यटक और श्रृद्घालु इन प्रोजैक्टस और तीर्थ स्थल का अवलोकन कर सके।

केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरुप की कुल उंचाई 50 फीट की होगी, जिसमें 10 फीट का बेस और 40 फीट की प्रतिमा होगी। इस प्रतिमा को भारत के प्रसिद्घ मुर्तिकार पदम भूषण राम सुतार द्वारा तैयार कर लिया गया है। इस प्रतिमा को 8 से 10 भागों में अलग-अलग करके ज्योतिसर तीर्थ पर लाया जाएगा और इस विराट स्वरुप को स्थापित करने में करीब 3 माह का समय लग जाएगा। इस प्रतिमा पर सरकार की तरफ से करीब 10 करोड़ रुपए का बजट खर्च किया गया है। 

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार के प्रयासों से ही कुरुक्षेत्र को श्रीकृष्ण सर्किट में शामिल किया गया और सरकार ने इन तीर्थों को विकसित करने के लिए करोड़ों रुपए की अनुदान राशि मुहैया करवाई। उन्होंने कहा कि ज्योतिसर में अब तक करोड़ों रुपए की राशि श्रीकृष्ण सर्किट के तहत खर्च की जा चुकी है और इन प्रोजैक्टस को पूरा करने के लिए बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी।

केडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुभव मेहता ने कहा कि विश्व स्वरुप की यह प्रतिमा पर्यटकों एवं तीर्थ यात्रियों के लिए एक मुख्य आकर्षण का विषय होगी, जिससे निश्चित ही कुरुक्षेत्र के पर्यटन को एक नई दिशा मिलेगी। विश्व स्वरुप की इस प्रतिमा का निर्माण भारत के प्रसिद्घ मुर्तिकार पदम भूषण राम सुतार द्वारा किया गया है। इस मौके पर अनिल राम सुतार सहित केडीबी के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।



 

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