Haryana Anti Corruption Society: मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार ओवरलोड व अवैध खनन पर कार्रवाई करने वाली टीम ने आज तक बॉडी कैमरा नहीं लगवाए हैं. जिस कारण न तो नियमों के विपरीत हो रहे खनन पर अंकुश लग पा रहा है और ना ही ओवरलोड सड़कों पर रुक रहा है..
- यह दी शिकायत
पुलिस को दी शिकायत में अधिवक्ता वरयाम सिंह ने बताया कि शनिवार की रात्रि के समय करीब 11 बजे वह अपने कार्यालय में मौजूद था। तब उसे जानकारी मिली कि एक आई20 कार में बैठे लोग उनके कार्यालय के बाहर रेकी कर रही है। जब उसने बाहर आकर देखा तो कार वहां से चली गई। तब वह बाइक पर गांव राव की ओर चला। तभी उसने राव मोड़ पर देखा कि ओवरलोड़ पर कार्रवाई करने वाली डीटीओ की टीम वहां पर खड़ी हुई है और उनके कार्यालय के बाहर से गुजरी कार भी उनके पास ही खड़ी है साथ ही एक अन्य स्विफ्ट कार भी वहां पर खड़ी है जिसकी नंबर प्लेट पर काले रंग की स्याही लगी हुई है। उक्त कार सवार लोग डीटीओ टीम के एक सदस्य से कुछ लेते व देते दिखाई दे रहे है। तभी डीटीओ की टीम के सामने से ही खनन सामग्री से भरे कई ओवरलोड़ वाहन गुजर जाते है। लेकिन टीम उन पर कोई कार्रवाई नहीं करती।
आरोप है कि उन्होंने रैकी करने वाले लोगों से सेंटिग कर ओवरलोड़ वाहनों को वहां से चलता किया है। इस दौरान जब उसने उनकी वीडिय़ों बनाई तो उन्होंने वीडिय़ों बनाते हुए उसे देख किया और कार सवार कुछ युवक उसके पास आकर धमकी देने लगे। जिससे उनके साथ उसकी बोलचाल भी हुई। इससे पहले वह पुलिस स्टेशन व थाना जठलाना प्रभारी के नंबर पर कॉल कर चुका था। लेकिन उसे वहां से कोई सहायता नहीं मिल पाई थी। जिस कारण उसने 112 नंबर पर कॉल की। जिससे 112 नंबर की गाड़ी वहां पर आ गई। जिन्हें देखकर कार सवार मौके से भाग गएं। तब उस पर मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया और उसे घर जाने को कहा। तब वह घर पहुंचा तो एक बार फिर से बाइक पर तीन युवक सवार होकर वहां पहुंच गएं और उसे फिर से जान से मारने की धमकी दी।
- मुख्यमंत्री कर चुके है बॉडी कैमरे लगाने
की घोषणा लेकिन प्रशासन ने इस पर नहीं लिया एक्शन
अधिवक्ता वरयामसिंह ने बताया कि ओवरलोड़ व अवैध खनन
पर कार्रवाई करने वाली टीम अपना कार्य उचित प्रकार से करे इसके लिए मुख्यमंत्री
बॉडी कैमरे लगवाने के निर्देश जारी कर चुके है। ताकि इस मामले में किसी प्रकार की
न तो ढिलाई हो और कार्रवाई भी सहीं प्रकार से हो। लेकिन उनके इन निर्देशों पर आज
तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिस कारण इस प्रकार से सेंटिग का खेल चल रहा है।
रात्रि के समय जिस प्रकार डीटीओ टीम ने सेंटिग उसके पूरे प्रमाण उनके पास मौजूद है।
अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वह जल्द ही गृहमंत्री अनिल विज से मिलेगें।
इस बारे जब डीटीओ सुभाष चंद्रा से बात की गई तो
उन्होंने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो वह मामले की
जांच करेंगे, अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई
की जाएंगी।
.png)



