Baba Saheb Ambedkar was not only the principal architect of the Indian. Constitution but also guided the development of the country’s Water Policy. On 8th November 1945, during a conference in Cuttack, he had said. “Water is Wealth. Water being the wealth of the people and its distribution. being uncertain, the correct approach is not to complain against nature but to conserve water.
कार्यक्रम में विभाग की जिला सलाहकार रजनी गोयल ने मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत की। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्याध्यापक कृष्ण लाल सैनी ने की। कार्यक्रम के दौरान गांव बुबका में जल सरंक्षण पर आयोजित प्रश्रोतरी प्रतियोगिता में अरमान प्रथम, कनिका द्वितीय तथा आठवीं कक्षा की चाहत तृतीय स्थान पर रही। वहीं सांगीपुर स्कूल से लक्षिता प्रथम योगेश द्वितीय तथा नूपुर तृतीय स्थान पर रही। धौलरा में चाहत प्रथम, महक द्वितीय तथा यश तृतीय स्थान पर रहे। जिन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विभाग की जिला सलाहकार रजनी गोयल ने कहा
कि जल जीवन का आधार, इस पर है सबका अधिकार, जल अनमोल है, हमें जल का सदुपयोग करना चाहिए। लगातार
भूजल दोहन एवं ग्लोबल वार्मिंग के कारण जलस्तर दिन प्रतिदिन नीचे जा रहा है। इसलिए
हमें अपने बच्चों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए इसका सदुपयोग करना चाहिएं और जल
को बचाने की मुहिम में अपनी भागीदारी निभानी चाहिएं। हम सभी को मिलकर इसका
दुरुपयोग रोकना होगा। उन्होंने बच्चों से भी अपील की कि वह खुद भी पानी बचाने के
लिए आगे आएं और दूसरे लोगों को भी जल बचाव के प्रति जागरूक करने में सहयोग दे। इस
अवसर पर स्कूली बच्चों को वाटर टेस्टिंग किट के माध्यम से पानी की शुद्धता की
जांचने की विधि बताई गई। अवसर पर सर्वजीत सिंह, नीरज रानी, सुरेश कुमार, नरेश कुमार इत्यादि उपस्थित थे।
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