ओरल कैंसर डिटेक्शन एंड प्रोटेक्शन परियोजना
यमुनानगर । NEWS : रोटरी क्लब यमुनानगर द्वारा डीएवी डेंटल कॉलेज यमुनानगर में ओरल कैंसर डिटेक्शन एंड प्रोटेक्शन परियोजना की शुरुआत करने जा रही है। इस परियोजना के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं और नवीनतम उन्नत उपकरणों को डीएवी डेंटल कॉलेज यमुनानगर में स्थापित किया जाएगा जिससे समय रहते मरीज़ों को मुँह के कैंसर की शीघ्र पहचान और समय से उसके इलाज को शुरू करने की सुविधा मिलेगी।
परियोजना की शुरुआत का जाएजा लेने रोटरी क्लब ऑफ़ फ़्लैगलर काउंटी अमेरिका से आरटीएन वंदना नायक, चंडीगढ़ से पीडीजी आरटीएन मधुकर मल्होत्रा और पीडीजी आरटीएन अजय मदान डीएवी डेंटल कॉलेज यमुनानगर पहुँचे। वंदना नायक और मधुकर मल्होत्रा ने कहा कि वह परियोजना के लिए की जा रही तैयारियों से संतुष्ट हैं और बहुत जल्द इसको यमुनानगर में शुरू किया जाएगा।
रोटरी यमुनानगर के प्रधान अरुण ओबरॉय ने बताया कि यह परियोजना मुंह के कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि 2-टियर और 3-टियर शहरों में आमतौर पर उपचार और सही निदान में देरी होती है क्योंकि मरीजों को इस सुविधा के लिए दिल्ली, मुंबई और चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों में भागना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना पे लगभग 1.25 करोड़ रुपये की राशि का खर्च आएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए रोटरी इंटरनेशनल, रुचिरा पेपर्स लिमिटेड और रोटरी क्लब यमुनानगर के सदस्यों ने भी आर्थिक रूप से योगदान किया है। इस ओरल कैंसर डिटेक्शन सेंटर का आर्थिक रूप से कमज़ोर मरीज़ों को भी फ़ायदा होगा क्योंकि बड़े शहरों में इसका खर्च बहुत अधिक है और डीएवी डेंटल कॉलेज यमुनानगर में बहुत ही कम क़ीमत पर यह टेस्ट किया जाएगा और उपचार में मदद की जाएगी।
डीएवी डेंटल कॉलेज और अस्पताल के प्रिंसिपल आरटीएन डॉ आई.के पंडित ने कहा कि भारत में मुंह के कैंसर के मामलों की सबसे बड़ी संख्या है और वैश्विक स्तर पर मुंह के कैंसर का कुल बोझ एक तिहाई है। भारत में कैंसर का प्रसार लगभग 2.25 मिलियन है, जिसमें हर साल 8 लाख से अधिक नए मामले और 5.5 लाख मौतें होती हैं। मुंह के कैंसर के बढ़ते मामले सामुदायिक स्वास्थ्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण चिंता का विषय हैं। पश्चिम की तुलना में, भारत में मौखिक कैंसर के मामले काफी अधिक हैं और लगभग 70% उन्नत चरणों में पाए जाते हैं। यह जागरूकता की कमी, तंबाकू की आदतों और उन्नत पहचान उपकरणों की आसान अनुपलब्धता के कारण है। उन्होंने कहा कि यमुनानगर में इस सेंटर के शुरू होने से स्थानीय और आसपास के शहरों के मरीज़ों को कम दामों में सुविधा मिलेगी और उनको बड़े शहरों की तरफ़ नहीं भागना पड़ेगा।
मौक़े पर पीडीजी आरटीएन सुभाष गर्ग, पीडीजी आरटीएन सतीश सलूजा, आरटीएन प्रवीण गर्ग, महासचिव जयदीप सिंह चावला, सचिव सुमीत गुप्ता, समीरा सलूजा, हरदीप आनंद, रमन सलूजा, संजय पाहुजा, हिमांशु बजाज, कपिल गुप्ता, सुमीत छाबड़ा, विशाल मेहता, गीता ओबरॉय, गुनीत आनंद, शेरी गुप्ता, डॉ निम्फिया पंडित, आयुषी गर्ग, शेफाली मित्तल, स्वेतलाना सिंह आदि मौजूद थे।