Type Here to Get Search Results !

ad

ADD


 

𝐇𝐚𝐫𝐲𝐚𝐧𝐚 𝐃𝐞𝐬𝐤 : राज्य में स्थापित होंगे वेस्ट-टू-चारकोल के दो प्लांट - कचरे के निस्तारण की दिशा में अहम कदम

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रहे मौजूद



हरियाणा, डिजिटल डेक्स || हरियाणा में कचरे के निस्तारण की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में कचरे से चारकोल बनाने वाले प्लांट स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें ग्रीन कोल प्लांट भी कहा जाता है। यह परियोजना अपनी तरह की पहली हरित परियोजना होगी जिसे हरियाणा के फरीदाबाद और गुरुग्राम में स्थापित किया जाएगा।

इसके लिए आज यहां केंद्रीय बिजली मंत्री  मनोहर लाल, मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी और शहरी स्थानीय निकाय राज्य मंत्री सुभाष सुधा की उपस्थिति में एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड (एनवीवीएनएल) तथा नगर निगम, गुरुग्राम और फरीदाबाद के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। नगर निगम फरीदाबाद की आयुक्त  ए मोना निवास तथा नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त नरहरि सिंह बांगड़ और एनवीवीएनएल की ओर से सीईओ  रेनू नारंग ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।



इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन हरियाणा के लिए बड़ा महत्वपूर्ण दिन है, जब ग्रीन चारकोल बनाने के लिए प्लांट हेतु एमओयू हुआ है। समझौते के अनुसार, एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड (एनवीवीएन), एनटीपीसी लिमिटेड की पूरी तरह से स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत गुरुग्राम और फरीदाबाद में वेस्ट टू चारकोल प्लांट स्थापित करेगी।

हाइलाइट  

गुरुग्राम और फरीदाबाद में लगेंगे हरित कोयला प्लांट, 500-500 करोड़ रुपये की आएगी लागत

एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड व हरियाणा सरकार के मध्य हुआ एमओयू


गुरुग्राम और फरीदाबाद में लगेंगे हरित कोयला प्लांट, 500-500 करोड़ रुपये की आएगी लागत

वेस्ट-टू-ग्रीन कोल प्लांट स्थापित होने से न केवल कचरे की समस्या का स्थायी समाधान होगा, बल्कि ऊर्जा उत्पादन में भी वृद्धि होगी- नायब सिंह सैनी



मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम के बंधवाड़ी में तथा फरीदाबाद के मोठूका में लगभग 500 -500 करोड़ रुपए की लागत से हरित कोयला प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इन दोनों प्लांटों में गुरुग्राम और फरीदाबाद शहरों में एकत्रित 1500- 1500 टन प्रति दिन (टीपीडी) कचरे को चारकोल में बदला जाएगा। 

उन्होंने कहा कि इन दोनों प्लांटों के लिए गुरुग्राम और फरीदाबाद नगर निगमों द्वारा 20-20 एकड़ जमीन दी जाएगी और एनटीपीसी द्वारा जल्द ही जमीनों का कब्ज़ा लेकर प्लांट स्थापित करने का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा, जिनके लगभग 30 माह में पूरा होने की संभावना है। ये दोनों प्लांट पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित होंगे।





गुरुग्राम और फरीदाबाद शहरों में कचरे के ढेर से मिलेगी मुक्ति - नायब सिंह सैनी ने कहा इन संयंत्रों के स्थापित होने से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को मूर्तरूप देने में बड़ी मदद मिलेगी, जिससे गुरुग्राम और फरीदाबाद शहर कचरा मुक्त बनेंगे। भविष्य में शहरों में कचरे के ढेर से भी मुक्ति मिलेगी। 

गुरुग्राम और फरीदाबाद में संयंत्रों के स्थापित होने से कचरा प्रबंधन को मिलेगी मजबूती- विकास गुप्ता इससे पहले, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव विकास गुप्ता ने परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बढ़ते शहरीकरण के दौर में लगातार कचरे का सृजन भी बढ़ता जा रहा है, जिससे शहरों में कचरे का निस्तारण एक बड़ी चुनौती बन रही है। इसी समस्या के समाधान हेतु मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में हमने इस दिशा में एनवीवीएन के साथ पहल की है। गुरुग्राम और फरीदाबाद में इन संयंत्रों के स्थापित होने से कचरे प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।

हरियाणा में स्थापित होने वाले ये दोनों प्लांट भारत में सबसे बड़े होंगे- सीईओ रेनू नारंग , एनवीवीएनएल की सीईओ  रेनू नारंग ने वेस्ट-टू-चारकोल प्लांट के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में वाराणसी में एनटीपीसी द्वारा 600 टन प्रतिदिन कचरे से वेस्ट-टू-चारकोल बनाने का प्लांट संचालित किया जा रहा है। 

इस अवसर पर मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  वी उमाशंकर, हरियाणा पॉवर जेनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक  मोहम्मद शाइन, नगर निगम फरीदाबाद की आयुक्त  ए मोना निवास, नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त नरहरि सिंह बांगड़ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Below Post Ad


ADD


 

ads