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पंचकूला - किसानों की तुलना की पागल झोटे से.. बाद में मुकरे कटारिया..?

राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया की किसानों को लेकर फिसली जुबान


City Life Haryana
पंचकूला : केंद्रीय जलशक्ति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया की किसानों को लेकर फिसली जुबान।

-पहले किसानों को पागल झोटे की संज्ञा दी बाद में शब्दों को बदला।

"कहा एक पागल झोटा अगर अपने सींग मेरे पेट में घुसाने की तरफ आ रहा है तो मैं अपने आप को बचाने के लिए कुछ न कुछ तो कदम उठाऊंगा अपनी जान बचाने के लिए।"

-पंचकूला के सेक्टर 6 स्थित जाट भवन में पहुंचे थे केंद्रीय जलशक्ति राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया।

-भाजपा के मेयर पद उम्मीदवार कुलभूषण गोयल के चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे केंद्रीय मंत्री।

-किसान आंदोलन पर उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने कृषि संगठनों के समक्ष 7 प्रस्ताव रखे हैं।

-जिस पर सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है।

-अगर ऐसा लगा कि कानून में परिवर्तन करने की आवश्यकता है तो तीनों कानूनों में विचार करके परिवर्तन कर दिया जाएगा।

-लेकिन पूरा कृषि कानून सरकार किसी कीमत पर वापस नहीं लेगी।

-यह कृषि कानून किसानों की आमदनी को दुगना करने वाला और किसानों के हक में हैं।

-किसान हमारा अन्नदाता है वह हमारा भगवान है।

-लेकिन कुछ तत्व जो इस किसान आंदोलन के बीच में घुस आए हैं।

-जिनका कृषि से कोई संबंध नहीं है, आतंकवादियों को छुड़वाने की बात करते हैं, जो खालिस्तान के नारे लगवा रहे हैं वह किसी भी कीमत पर किसानों के हितैषी नहीं हो सकते और किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर अपना उल्लू सीधा करना चाहते हैं।

-केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने एक चिट्ठी सभी किसान संगठनों व किसानों को लिखी है।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि आप केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर जी की बातों पर गौर कीजिए आपकी समस्याओं का समाधान होगा।

-हम 24 घंटे आपसे बातचीत करने के लिए तैयार हैं।

-सर्वोच्च न्यायालय ने भी यही कहा है कि समस्या का हल बातचीत से ही निकलेगा।

-लोकतंत्र के अंदर प्रदर्शन करने का सबको अधिकार है।

-लेकिन वह प्रदर्शन उग्र नहीं होना चाहिए।

-वहीं केंद्रीय जलशक्ति, सामाजिक न्याय एवं सामाजिक अधिकारिता राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया ने किसान आंदोलन के लिए जा रहे किसानों पर हरियाणा सरकार द्वारा लाठीचार्ज व वाटर कैनन के प्रयोग पर उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी सरकार का दायित्व है।

-उन्होंने कहा कि "एक पागल झोटा अगर अपने सींग मेरे पेट में घुसाने की तरफ आ रहा है तो मैं अपने आप को बचाने के लिए कुछ न कुछ तो कदम उठाऊंगा अपनी जान बचाने के लिए।"

-किसानों को पागल झोटे की संज्ञा देने के सवाल पर उन्होंने तुरंत अपनी फिसली जुबान को ठीक करते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि अगर कोई आतंकवादी पूरे माहौल को बिगाड़ना चाहता है तो उसके लिए ऐसे कदम उठाए ही जाएंगे।

-वहीं राहुल गांधी द्वारा किसान आंदोलन मामले में सरकार से जल्द बातचीत सुलझाने के लगातार जा रहे ट्वीटस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि- "तेरी मां सोनिया वैसे ही तेरे पीछे पड़ी हुई है राजनीति तेरे बस की नहीं है।"

-वहीं देश की सुरक्षा पर हुई डिफेंस स्टैंडिंग कमेटी की बैठक को राहुल गांधी द्वारा छोड़कर बाहर जाने पर रतनलाल कटारिया ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया।

-राहुल गांधी भाज गया बाहर, अरे तुम देश की रक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर जो भारत की मिनी संसद है उसमें नहीं बैठे।

-पूर्व केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता चौ बिरेंदर सिंह द्वारा किसानों के समर्थन में आज धरना प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि बेशक से चौ बिरेंदर सिंह अपने बेटे से नहीं समझे मैं जाकर समझाऊंगा।

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