बैठक कर ब्राह्मण समाज ने की सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की मांग
इस अवसर पर एन.के शर्मा ने कहा कि राकेश टिकैत ने ब्राह्मण समाज
के प्रति अपशब्द बोलकर अपनी घटिया मानसिकता का परिचय दिया है। इस प्रकार की भाषा
समाज में न तो शोभनीय होती है और न ही सम्मानीय। किसी को भी किसी दूसरे व्यक्ति व
समाज के खिलाफ बोलने का किसी प्रकार कोई हक नहीं है। क्योंकि इससे समाज में
भाईचारा खराब होता है। लेकिन इस प्रकार के लोग अपनी घटिया मानसिकता के चलते समाज
में जहर घोलने का कार्य करते है। राकेश टिकैत के इस टिप्पणी से पूरे देश के ब्राहण
समाज में रोष है।
जिसको लेकर जब तक राकेश टिकैत सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांग
लेता तब तक इसका पूरे देश में ब्राह्मण समाज विरोध करेगा। उन्होने बताया कि संगठन
की कागजी आवश्यकता को देखते हुए सुभाष शर्मा को संगठन का उपप्रधान व सतीश वशिष्ठ
को संयुक्त सचिव बनाया था। इस अवसर पर अंगरीश शर्मा महासचिव, सतीश वशिष्ठ, विनोद भारद्वाज, के.आर भारद्वाज, रामकरण गौड़, सुखबीर शर्मा, राहुल शर्मा, सौरभ शर्मा, अनिल शर्मा, राहुल देव, मोनू सढौरा, कंवरपाल शर्मा
इत्यादि मौजूद थे।
आपको बता दे सोशल मीडिया पर राकेश टिकैत का वीडियो खूब वायरल किया जा रहा है, वीडियो में भाकीयू नेता राकेश टिकैत ब्राह्मणो का मज़ाक उड़ाते हुए नज़र आ रहे है इस वायरल वायरल वीडियो के बाद भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने सफाई देते हुए कहा कि मेरे बयान का गलत मतलब न निकाला जाए। कहने का आशय केवल इतना था कि मंदिरों के पुजारी व विभिन्न ट्रस्ट गुरुद्वारों की भांति आंदोलन में अपने बैनर के साथ लंगर की सेवा प्रदान करें। मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर या अन्यथा न लिया जाए। वीडियो को एडिट कर गलत तरीके से पेश न किया जाए। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा आंदोलन सभी का है।