स्वदेशी जागरण मंच की बैठक का हुआ आयोजन
BY: Ravinder Saini
इस अवसर पर मुख्य वक्ता सतीश कुमार ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत
के बाद अब मंच की ओर से आत्मनिर्भर हरियाणा-आत्मनिर्भर जिला कार्य किया जा रहा है।
आत्मनिर्भर जिला तभी बन सकता है जब जिले में पूर्ण रोजगार व गरीबी मुक्त हो। तभी
हम इसे आत्मनिर्भर जिला कह सकते है। इसके लिए हमें आगे आना होगा और स्वदेशी व
स्थानीय पर जोर देकर हमें इस अभियान को सफल बनाना होगा। अपना रोजगार स्थापित कर हम
आत्मनिर्भर जिला बनाने में मदद कर सकते है। बाहरी वस्तुओ खरीदने की बजाए ऐसी
वस्तुए खरीदनी होगी जिसका लाभ न केवल स्थानीय व्यक्ति हो बल्कि उसका उत्पादन भी
स्थानीय स्तर पर हो रहा है।
हमें जैविक खेती भी अपनानी होगी। जैविक खेती से जहां हमें शुद्ध
व सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिलते हैं वहीं हम विभिन्न प्रकार की बीमारियों से भी बच
सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान जैविक खेेती अपनाकर अधिक आर्थिक मुनाफा हासिल कर
सकते हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ.बलदेव ने भी आत्मनिर्भर हरियाणा, आत्मनिर्भर जिला
बनाने की योजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोग स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर
रोजगार देने में अहम भूमिका निभाते हुए आत्मनिर्भरता के सपने को साकार कर सकते
हैं। अंकेश्वर शर्मा ने स्वदेशी जागरण मंच द्वारा किए जा रहे कार्य पर
प्रकाश डालते हुए कहा कि मंच द्वारा चलाए जा रहे आत्मनिर्भर हरियाणा अभियान
के तहत सभी जिलों को जोड़ा जाएगा।
मौके पर जिला सहसंयोजक डॉ.अश्विनी, प्रदीप चौधरी, नरेंद्र चौहान, दीपक, अश्विनी, विश्वेंद्र शर्मा, खंड संयोजक रादौर
रविंद्र सैनी, अशोक जोहल, संदीप ठसका, वैभव आहुजा, सुनील बकाना, जितेंद्र कुमार, आयुष कांबोज व विनोद
जिंदल इत्यादि मौजूद थे।
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