कोविड-19 महामारी के बावजूद वर्ष 2020-21 के दौरान अब तक विभाग को कुल 845 करोड़ 94 लाख रुपये का राजस्व मिला
मूलचंद शर्मा ने
कहा कि प्रदेश में अवैध खनन को रोकने के लिए 55 पुलिस अधिकारियों और विभाग के कर्मचारियों को
मिलाकर स्पेशल इंफोर्समेंट टीम (एस.ई.टी.)का गठन किया गया है। अवैध खनन के
दौरान पकड़े गए वाहनों से अब तक 90 करोड़ 60 लाख
रुपये जुर्माना वसूल किया गया है। उन्होंने कहा कि खनिजों की ढुलाई के लिए
ई-रवाना प्रणाली अवैध खनन तथा ढुलाई पर अंकुश लगाने में काफी हद तक कारगर
साबित हो रही है। इसके अलावा, खनिज से भरे वाहनों का पंजीकरण आवश्यक कर दिया गया है।
अब सिर्फ वाहन
की लोडिंग
कैपेसिटी के हिसाब से ही खनिज लोड किया जाएगा जिससे वाहनों की ओवरलोडिंड
पर रोक लगेगी। खान एवं भू-विज्ञान मंत्री ने बताया कि पहले बड़े-बड़े
खनन ब्लॉक का ठेका दिया जाता था लेकिन मौजूदा सरकार ने इस
क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने तथा
छोटे उद्यमियों को भी मौके देने के इरादे के साथ छोटी खनन इकाइयों या ब्लॉक्स को
ठेके पर देने का निर्णय लिया। साथ ही, खनन इकाइयों को पट्टे या ठेके पर देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता
सुनिश्चित करने के मकसद से ई-नीलामी शुरू की गई है।
मंत्री मूलचंद
शर्मा कहा कि कोविड-19
महामारी के बावजूद वर्ष 2020-21
के दौरान अब तक विभाग को कुल
845 करोड़ 94
लाख रुपये का राजस्व मिला है जबकि इस
साल के अभी दो महीने बाकी हैं। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में 26 दिन तक खनन गतिविधियां बंद रही थी। वर्ष 2019-20 के दौरान विभाग को 702 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इसके अलावा,
4507 वाहनों को सीज किया गया जिनमें से 3351
वाहनों को छोड़ा जा चुका है। पिछले तीन
महीने के दौरान विभाग की जांच टीमों द्वारा 4 जिलों में स्थित 12 खानों में छापे मारे गए। छापामारी के
दौरान बड़ी खामियां पाए जाने पर एक खान का लाइसेंस सस्पेंड किया गया।