ग्रामीण बोले -प्राकृतिक धारा अवरूद्ध करने व नियम तोडऩे की कई बार कर चुके शिकायते, एस.ई से भी मिले शिकायतकर्ता, लेकिन नहीं मिला कोई संतोषजनक जवाब
BY: Ravinder Saini
लेकिन अधिकारियो का कार्रवाई के नाम पर ढीला रवैया ही सामने आ
रहा है। हालांकि क्षेत्र के लोग बार बार शिकायत कर कार्रवाई की मांग तो कर रहे है
लेकिन अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। गुमथला क्षेत्र के बी-17 खनन घाट की खनन
एजेंसी के खिलाफ दी गई शिकायतो पर कोई कार्रवाई न होने पर शिकायतकर्ता मंगलवार को
सिंचाई विभाग के एस.ई आर.एस मित्तल से मिले और शिकायत पर कार्रवाई करने की मांग
की। लेकिन वहां से भी शिकायतकर्ता को कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। जिस पर
शिकायतकर्ता का कहना है कि अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो वह मामले को लेकर
सीएम हाऊस व खनन मंत्री के पास जाएंगें।
-किनारो के समीप ही हो रहा है खनन
-रास्तो की आड़ में हो रही प्राकृतिक धारा बाधित
नियम के अनुसार यमुनानदी की प्राकृतिक धारा बाधित नहीं की जा सकती। जिस पर प्रशासन जब भी कुछ सख्ती बरतता है तो खनन एजेंसी इसका तोड़ ढूंढ लेती है। अब रास्तो की आड़ में ऐसा हो रहा है। अधिकारी भी इस पर कुछ स्पष्ट बोलने को तैयार नहीं है। जबकि मौके पर देखने से साफ पता चल रहा है कि प्राकृतिक धारा को बाधित कर खनन किया जा रहा है।
-शिकातकर्ता बोल रहे अधिकारी नहीं कर रहे कोई कार्रवाई
खनन एजेंसी लगातार नियमो को तोड़ रही है। जिसको लेकर शिकायत भी की जा रही है। लेकिन शिकायत के बाद भी शिकायतकर्ता की शिकायतो पर कार्रवाई नहीं हो रही है। गुमथला के बलविन्द्र कुमार व ललित राणा भी महीनो से शिकायत दे रहे है लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता ललित राणा ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसने अपनी कुछ भूमि पर बाग लगाया हुआ है तो कुछ पर वह फसल उगाता है। वहीं पास में खनन एजेंसी बी-17 ने स्टॉक लगाया हुआ है। जिस कारण डस्ट उसके खेतो व बाग में जाती है। जिससे फसले खराब हो रही है वहीं बाग भी अब फल नहीं दे रहा है। नुकसान को लेकर वह कई बार सिंचाई विभाग व खनन विभाग के अधिकारियो को शिकायत दे चुका है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बलविन्द्र कुमार ने बताया कि खनन एजेंसी लगातार पानी का बहाव मोडक़र खनन कर रही है। वहीं सरकार ने विकास के लिए गांव में जो खनन एजेंसियो की भागीदारी निर्धारित की है वह भी नहीं निभाई जा रही है। शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं। आज भी वह एसई आरएस मित्तल से मिले थे लेकिन उन्होनें भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। जिससे अधिकारियो की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता।
-जसबीर सिंह, एसडीओ सिंचाई विभाग
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