31 दिसम्बर तक लगभग 100 करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य संभव
मार्च 2022 तक लगभग सभी भारतीय को पहला टीका लगाया जा सकता है
यदि यही क्रम चलता रहा तो 15 जून तक देश मे नए
संक्रमण के केस मात्र 25 हजार प्रतिदिन रह जाएगें। अब दुर्भाग्यवश कोरोना की तीसरी
लहर का डर भी मंडराने लगा है। जिसको रोकने के लिए तेजी से टीकाकरण करने की
आवश्यकता है। जिसमें भारत सरकार पूरी तरह से सक्षम है। टीकाकरण ही देश में कोरोना
की तीसरी व चौथी लहर को रोकने का ब्रह्मस्त्र है।
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Dr. Kuldeep Singh Dhindsa
डा. कुलदीप ढ़ींडसा ने सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक देश की लगभग 2 प्रतिशत आबादी कोविड-19 के संक्रमण से ग्रस्ति हुई है। यानी 98 प्रतिशत जनता पर खतरा अब भी मंडरा रहा है। ऐसे में टीकाकरण ही कारगर साबित होगा। सरकार अधिकतम वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत सरकार ने भारत बायोटेक को कोवैक्सीन बढ़ाने का आदेश दिया है और अनुमान है कि अक्तूबर तक यह प्रतिमास 10 करोड़ टीके के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त कर लेगी। इसी तरह भारत सरकार के प्रयासों से सीरम रिसर्च इंस्टीच्यूट ने अपनी उत्पादन क्षमता को साढ़े 6 करोड़ से बढ़ाकर 11 करोड़ प्रतिमास कर दिया है। जिससे देश के लोगों का अधिक से अधिक वैक्सीन मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि नीति आयोग के अनुसार वर्ष 2021 के अंत तक लगभग 200 करोड़ टीकों का उत्पादन हो सकेगा जो भारत के टीकाकरण अभियान में एक मील का पत्थर साबित होगा। जल्द ही रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-फाईव का प्रोडक्शन भी भारत में शुरू हो जाएगा इसके इलावा फाईजर, जॉनसन एंड जॉनसन और मॉडर्ना के टीके भी जल्द भारत में उपलब्ध होंगे।
सौभाग्य से भारत के पास टीकाकरण के अभूतपूर्व आधारभूत संसाधन है।
भारत में लगभग 40 हजार टीकाकरण केंद्र है तथा प्रत्येक केंद्र की क्षमता लगभग
125 टीके प्रतिदिन की है। यदि प्रर्याप्त मात्रा में वैक्सीन
उपलब्ध हो जाए तो 31 दिसम्बर तक लगभग 100 करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य संभव है तथा मार्च 2022 तक लगभग सभी भारतीय
को पहला टीका लगाया जा सकता है जो हर्ड इम्यूनिटी का घोतक होगा और हम सफलतापूर्वक
समय से पहले तीसरी लहर पर अंकुश लगाने में सक्षम होंगे।