Sanjoli Banerjee (22) from the district has been honoured with the Diana Award for her social and humanitarian efforts.
Established in the memory of Diana, Princess of Wales, the award is given by a charity set up in her name.
यह पुरस्कार प्रिंसेज आफ वेल्स डायना की स्मृति में दिया
जाता है। संजोली
बनर्जी का इस पुरस्कार के लिए चयन डायना अवार्ड जजिंग पैनल्स के 12 सदस्यों द्वारा
किया गया है जो कि बहुत कठिन व चुनौतीपूर्ण था। लंदन में होने वाले इस
अंतराष्ट्रीय सम्मान समारोह में प्रिंसेज डायना के दोनों पुत्र द ड्यूक ऑफ
कैम्ब्रिज तथा द ड्यूक ऑफ शसेक्स भी शामिल होते हैं और यह अवार्ड बर्मिंघम पैलेस
में दिया जाता है। लेकिन कोविड की मध्यनजर यह ग्रांड वर्चुअल सेरेमनी द्वारा नवाजा
गया।
She received the award by post. “It is the cooperation and trust of the family and society due to which I could work in the fields of climate change and women empowerment,” said Sanjoli while interacting with mediapersons. Sanjoli is also the founder of a free mobile school for rural children.
संजोली बनर्जी ने पांच वर्ष की आयु से ही 'बेटी बचाओ-पृथ्वी बचाओ' अभियान चलाया, जिसके तहत उन्होंने दोनों विषयों पर लघु फिल्में 'बेटी' तथा 'अर्थ लपटों में' बनाई। 4500 किलोमीटर के जागरूकता अभियान में हजारों लोगों को जागरूक किया व सैकड़ों पेड़ लगाए। इसके अतिरिक्त वह गांव दरड़ में निशुल्क मोबाइल स्कूल गरीब बच्चों के लिए चला रही हैं और उनके जीवन को दिशा देने का प्रयास कर रही है। अपनी छोटी बहन अनन्या के जन्म पर भारत की पहली लोहड़ी बेटी के नाम मनाकर उसने कन्या भ्रूण हत्या विरोधी अभियान को जन्म दिया।
2015 में संजोली ने प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को 14 प्वाईंटस का पत्र लिखा जिसमें उसने महिला थाना, नैशनल कमिशन फॉर गर्ल चाईल्ड आदि का सुझाव दिया। 2016 में बारहवीं कक्षा में हरियाणा में टॉपर बनी संजोली विश्व की 8वें रैंकिंग आस्ट्रेलियन नेशनल यूनीवर्सिटी कैनबेरा में पढ़ी। वहाँ उन्हें स्कालरशिप मिली और स्नातक इंटरनेशनल सिक्योरिटी स्टडीज फर्स्ट क्लास से पास की। उसी दौरान वह लायन्स क्लब द्वारा बेस्ट स्पीकर अवार्ड से नवाजी गई व सचिव भी चुनी गई, जिससे उन्हें अनेकों जिम्मेदारिया दी गई।
द डायना अवार्ड के सी ईओ टेसी ओजो ने संजोली को बधाई देते हुए कहा कि वह विश्वास रखते हैं कि समाज सेवा के लिए इस अवार्ड से वह और युवाओं को भी प्रेरित करेंगी, जिससे कि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकेंगे। संजोली की छोटी बहन अनन्या भी एक सामाजिक कार्यकर्ता है जो कोरोना काल की पहली और दूसरी वेव्स के दौरान लोगों की मैन्टल हैल्थ व वेल बींग पर अभियान चला रही है।
वही, संजोली के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपना योगदान सामाजिक कार्यों में दे रही है और उनके माता-पिता गगन व मिहिर बनर्जी शिक्षक हैं जो बच्चों को संघ लोक सेवा आयोग तथा राज्य लोकसेवा आयोग, राज्य न्यायिक सेवा तथा अखिल भारतीय न्यायिक सेवा की परीक्षा आइलेट्स आदि की पढ़ाई करवाकर उनके जीवन को एक नया रंग देते हैं। वह आज की नई पीढ़ी के लिए प्ररेणा का स्त्रोत हैं। भविष्य में संजोली भारत का नेतृत्व संयुक्त राष्ट्र में करना चाहती हैं।
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