- रादौर क्षेत्र में बिजली निगम को किसानों को करीब 697
ट्यूबवेल
कनेक्शन रिलीज करने थे, लेकिन अब तक केवल 55
कनेक्शन ही
किसानों को दिए गए, बाकी के किसान
लंबे समय से ट्यूबवेल कनेक्शन मिलने का इंतजार कर रहे हैं, इतना ही नहीं निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने
के लिए सरकार ने ट्यूबवेल कनेक्शन देने में भी किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल
दिया है.
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*पेट्रोल डीजल 60 से 70 हो जाने पर कपड़े निकाल कर प्रदर्शन किया करते थे *पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से महंगाई भी आसमान छू रही है *चुनाव में भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना
पड़ेगा |
वही, रादौर में
लंबे समय से रजिस्ट्री न
होने से भी आम
जनता परेशान है।लेकिन सरकार का इस पर कोई ध्यान नहीं है।आगामी चुनाव में भाजपा को
इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा और जैसी हार उसे पश्चिम बंगाल में मिली है उसी प्रकार
की करारी हार उसे आने वाले दिनों में कई राज्यों में होने वाले चुनावों में देखनी
पड़ेगी। यह दवा रादौर कांग्रेसी विधायक बीएल सैनी ने किया। वह सोमवार को अपने
कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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Dr. Bishan Lal Saini MLA, Radaur |
डॉ बीएल सैनी ने कहा कि ट्यूबवेल कनेक्शन के नाम पर किसानों को लगातार परेशान किया जा रहा है।जिस कंपनी को सरकार ने खंभे व ट्रांसफार्मर लगाने का ठेका दिया है वह कंपनी इस कार्य को गंभीरता से नहीं ले रही है। किसानों का धान का सीजन चल रहा है। ऐसे में किसानों को कनेक्शन नहीं मिलने से काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।वहीं दूसरी ओर किसान किसी तरह अगर अपनी धान की फसल लगा भी लेगा तो उसके बाद धान लग जाने से फिर से कनेक्शन लेने में उसे परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि पहले किसान पुरानी मोटर लेकर भी अपने ट्यूबवेल को चालू कर लेता था लेकिन निकम्मी सरकार की नीतियों के कारण अब उसे नई मोटर लेकर अधिक धन कनेक्शन पर खर्च करना पड़ रहा है। लेकिन फिर भी कनेक्शन उसे नहीं मिल पा रहा है।
- रादौर में लंबे समय से
रजिस्ट्री का कार्य रुका पड़ा है। नगरपालिका बनने से यहां दर्जनों कॉलोनियां अवैध
एरिया में आ गई है। जबकि वहां पर घनी आबादी बस चुकी है। ऐसे में सरकार इसकी और
ध्यान न दे उन लोगों के साथ अन्याय कर रही है जो यहां प्लॉट लेकर रजिस्ट्री करवाना
चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर फेल हो चुकी हैं।
- पेट्रोल-डीजल के
दाम सैंकडा लगाने की ओर बढ़ रहे हैं। लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग
रही है।इसी सरकार के वह नेता जो पेट्रोल डीजल के दाम 60 से 70 हो जाने पर कपड़े निकाल कर प्रदर्शन किया
करते थे वही अब जब पेट्रोल डीजल 100 के करीब पहुंचने वाला है तो इसे सरकार का विकास बताकर जनता को गुमराह कर रहे
हैं।पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से महंगाई भी आसमान छू रही है।
सरकार की गलत
नीतियों को लेकर जल्द ही हल्के में सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा।
जिसके माध्यम से
राष्ट्रपति को
ज्ञापन ज्ञापन भेजे जाएंगे और इस सरकार को बर्खास्त करने की मांग की जाएगी।