हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का त्योहार काफी महत्व रखता है. गंगा दशहरा यानी मां गंगा के स्वर्ग से धरती पर आने का दिन. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, गंगा दशहरा पर मां गंगा की पूजा करने से उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है. इस पावन मौके पर पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाने में मनुष्यों को पाप से मुक्ति मिल जाती है. शास्त्रों के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाता है.
वही, प्रशासन की रोक के बावजूद गंगा दशहरे के अवसर पर यमुना नदी के गुमथला घाट पर श्रद्धालुओं का तांता लग गया।सुबह से ही श्रद्धालु यमुना नदी के घाट पर जुटना शुरू हो गए। लोगों की भीड़ को देखते हुए दुकानदारों ने भी मौके का फायदा उठाने का प्रयास किया और सड़क किनारे अपनी दुकानें सजा दी। जिससे धीरे-धीरे लोगों की भीड़ ने मेले का रूप ले लिया। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मचारियों ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक श्रद्धालु काफी संख्या में मौके पर पहुंच चुके थे।
- प्रशासन की
व्यवस्था पर हावी रही श्रद्धालुओं की आस्था
गंगा दशहरे के अवसर पर प्रशासन की ओर से इस वर्ष मेले पर रोक लगाई गई थी, लेकिन इसके लिए प्रशासन व्यवस्था करने में नाकाम रहा। प्रशासन की ओर से सुबह के समय श्रद्धालुओं को रोकने के लिए किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। जिस कारण धीरे-धीरे यमुना नदी के घाट पर लोगों की भीड़ जुटती चली गई। हालांकि बाद में पुलिस कर्मचारियों ने दौड़-धूप कर भीड़ को कम करने का प्रयास किया, लेकिन कोई खास सफलता पुलिस कर्मचारियों को नहीं मिली। दुकानदारों को भी वहां से दुकान हटाने के निर्देश दिए गए, लेकिन दुकानदारों ने कुछ ही दूरी पर जाकर दोबारा से दुकानें सजा ली। जिस कारण प्रशासन लोगों की आस्था के आगे बेबस दिखाई दिया।