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Radaur- गंगा दशहरा दान व स्नान का पावन पर्व, मिलेगी पापों से मुक्ति

हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का त्योहार काफी महत्व रखता है. गंगा दशहरा यानी मां गंगा के स्वर्ग से धरती पर आने का दिन. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, गंगा दशहरा पर मां गंगा की पूजा करने से उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है. इस पावन मौके पर पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाने में मनुष्यों को पाप से मुक्ति मिल जाती है. शास्त्रों के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल की दशमी तिथि को गंगा दशहरा मनाया जाता है.


रादौर। गंगा दशहरा श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। गंगा मैया के धरती पर आने का पर्व गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। गंगा दशहरा पर गंगा समेत पवित्र नदियों में स्नान की परंपरा है।

वही, प्रशासन की रोक के बावजूद गंगा दशहरे के अवसर पर यमुना नदी के गुमथला घाट पर श्रद्धालुओं का तांता लग गया।सुबह से ही श्रद्धालु यमुना नदी के घाट पर जुटना शुरू हो गए। लोगों की भीड़ को देखते हुए दुकानदारों ने भी मौके का फायदा उठाने का प्रयास किया और सड़क किनारे अपनी दुकानें सजा दी। जिससे धीरे-धीरे लोगों की भीड़ ने मेले का रूप ले लिया। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मचारियों ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक श्रद्धालु काफी संख्या में मौके पर पहुंच चुके थे। 


इस दौरान कोविड नियमों पूरी तरह से धाराशाही होते दिखाई दिए और प्रशासन की नाकामी साफ तौर पर सामने आई। लोगों ने न केवल यमुना नदी में डुबकी लगाई बल्कि यमुना किनारे पूजा पाठ भी किया। यहां तक की वहीं श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया। जिसमें श्रद्धालुओं ने नियमों को तोड़ते हुए प्रसाद ग्रहण किया।

  • प्रशासन की व्यवस्था पर हावी रही श्रद्धालुओं की आस्था



गंगा दशहरे के अवसर पर प्रशासन की ओर से इस वर्ष मेले पर रोक लगाई गई थी, लेकिन इसके लिए प्रशासन व्यवस्था करने में नाकाम रहा। प्रशासन की ओर से सुबह के समय श्रद्धालुओं को रोकने के लिए किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। जिस कारण धीरे-धीरे यमुना नदी के घाट पर लोगों की भीड़ जुटती चली गई। हालांकि बाद में पुलिस कर्मचारियों ने दौड़-धूप कर भीड़ को कम करने का प्रयास किया, लेकिन कोई खास सफलता पुलिस कर्मचारियों को नहीं मिली। दुकानदारों को भी वहां से दुकान हटाने के निर्देश दिए गए, लेकिन दुकानदारों ने कुछ ही दूरी पर जाकर दोबारा से दुकानें सजा ली। जिस कारण प्रशासन लोगों की आस्था के आगे बेबस दिखाई दिया। 

  • शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम ने बताया गंगा दशहरे का महत्व



शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम महाराज ने गंगा दशहरे का महत्व बताते हुए कहा कि गंगा दशहरा के दिन गंगा में एक डुबकी लगाने से पतित पावनी मां गंगा सभी पापों से मुक्त कर देती है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है। स्कंदपुराण के अनुसार गंगा दशहरा के दिन प्रत्येक मनुष्य को किसी भी पवित्र नदी पर जाकर स्नान ध्यान तथा दान करना चाहिए।इससे वह सब पापों से मुक्ति पाता है।



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