इस कड़ी में चरणबद्ध तरीके से कई योजनाएं केंद्र सरकार लेकर आई है. साइल हेल्थ कार्ड का काम पुरे देश मे किया गया, जमीन की गुणवत्ता के आधार पर फसल लगाने से आमदनी बढ़ी है, फसल बीमा योजना शुरू हुई,
केन्द्रीय मंत्री रतन लाल कटारिया ने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि देश की 70 प्रतिशत आबादी गांव व किसान से जुड़ी है इस कड़ी में चरणबद्ध तरीके से कई योजनाएं केंद्र सरकार लेकर आई है। साइल हेल्थ कार्ड का काम पुरे देश मे किया गया, जमीन की गुणवत्ता के आधार पर फसल लगाने से आमदनी बढ़ी है, फसल बीमा योजना शुरू हुई, किसान क्रेडिट कार्ड बिचौलियों की चुंगुल से छुड़वाने में काफी सहायक हुआ, किसान सम्मान निधि इसमें 10 करोड़ किसानों को 1.36 लाख करोड़ रूपए सीधे किसानों के खाते में हस्तांतरित किए गए है।
खाद की नीम कोटिंग हुई, खाद के लिए होने वाली मारामारी बन्द हुई, डीएपी पर 1200 रुपए की सब्सिडी दी जा रही, भाजपा की कई राज्य सरकारें भावन्तर भरपाई योजना चला रही है, डैच में इतिहासिक वृद्धि हुई है, नए कृषि कानून के तहत बाजार को खोला गया ताकि बाहर के निवेशक कृषि क्षेत्र में निवेश कर सके, मत्स्य पालन, डेरी फार्मिंग सहित हर क्षेत्र में निवेश को बढ़ाया जा रहा है। गन्ना मिलों से 21000 करोड़ जो एथनॉल पेट्रोलियम कंपनियों ने खरीदा है इससे भी गन्ना किसानों को लाभ मिलने वाला है।
उन्होंने कहा कि इस साल के बजट में नई मंडिया खोलने ओर पुरानी मंडियों के विस्तार व रख रखाव के लिये खास ध्यान दिया गया है, इस साल से सरकारी खरीद की रकम सीधे किसान के खाते में जानी शुरू हो गयी है, बीज निगम के माध्यम से अच्छी क्वालिटी के तिलहन व दलहन के बीज सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाए जा रहे है। मेरी फसल मेरा ब्यौरा के माध्यम से हरियाणा एक ऐसा राज्य है जहां खरीद की जानकारी डिजिटल पोर्टल पर उपलब्ध रहती है, 11 फसले डैच पर खरीदी जाती है।
गांव के
समग्र विकास के लिये ओपन डेफक्शन फ्री (स्वच्छ भारत) के विस्तार में अब ओडीएफ प्लस
स्कीम शुरू की गई है जिसमे गांव में गीला/सूखा कचरा प्रबंधन व सीवरेज ट्रीमेंट
प्लांट अगले 5 साल में करीब 2 लाख गांव में लगाये जाएंगे। उन्होंने कहा
कि यह सब योजनाएं किसान व गांव की जीवन शैली में मूलभूत परिवर्तन लाकर देश के
किसान की आमदनी को बढ़ाएंगी, जोकि प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी 2022 तक किसानों की आय को दुगना करने के
लक्ष्य को पूरा करने में सहायक सिद्घ होंगी
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