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Radaur-ऑस्ट्रेलिया में रहने के बाद क्षेत्र की पहचान बनी कार की नंबर प्लेट

देश के युवा विदेश में जाकर भी अपने देश की माटी से विशेष लगाव रखते हैं और जब भी उन्हें मौका मिलता है तो वह अपने इस लगाव को दिखाने का मौका नहीं चूकते.

  • कार का पसंदीदा नंबर  
  • अपने शहर का नाम याद आया  
  • रादौर के नाम से ही नंबर अप्लाई कर दिया 

रादौर देश के युवा विदेश में जाकर भी अपने देश की माटी से विशेष लगाव रखते हैं और जब भी उन्हें मौका मिलता है तो वह अपने इस लगाव को दिखाने का मौका नहीं चूकते।  ऐसा ही कुछ किया है रादौर की शिव कालोनी के युवा विनोद धीमान ने, जो इन दिनों ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में रह रहा है।

विनोद धीमान ने जब अपनी मेहनत से सिडनी में कार खरीदी और इस कार का पसंदीदा नंबर लेने की बारी आई तो विनोद धीमान को अपने शहर का नाम याद आया और रादौर के नाम से ही नंबर अप्लाई कर दिया। जिसके बाद वहां की सरकार से उसे अनुमति मिल गई और अब विनोद धीमान की कार का नंबर रादौर मिल चुका है। इस नंबर प्लेट को उसने अपनी कार पर बहुत ही खुशी के साथ लगाया और अपने क्षेत्र को सिडनी में भी पहचान दिलाने का कार्य किया। 

विनोद धीमान के भाई विजय धीमान ने बताया कि  विनोद जब से ऑस्ट्रेलिया गया है तब से उसका एक ही सपना था कि वह यहां कोई ऐसा कार्य करें जिससे उसके क्षेत्र की पहचान उसके साथ जुड़ी रहे। कुछ दिनों पहले उसने वहां कार खरीदी और जब उसका नंबर लेने लगा तो उसे अपना यह सपना पूरा करने का मौका मिल गया। वहां की सरकार के अनुसार कार का मालिक अपनी पसंद के 6 डिजिट का नंबर ले सकता है। जिसके लिए विनोद ने रादौर के 6 डिजिट अप्लाई किए और सौभाग्य से उसे यह नंबर मिल भी गए। अब उसकी कार की नंबर प्लेट से उसके क्षेत्र की पहचान जुड़ गई। जिससे वह काफी खुश है। 

विनोद धीमान 


वही, विनोद धीमान का मानना है कि युवाओं को बाहर जाकर अपनी मातृभूमि को नहीं भूलना चाहिए और जब भी मौका मिले कुछ ऐसा कार्य करना चाहिए जिससे उसकी माटी की पहचान उसके साथ जुड़ी रहे। 

"इस प्यारी सी दुनिया में एक छोटा सा मेरा परिवार है,
खुशियाँ मुझे इतनी मिलती है जैसे रोज कोई त्यौहार है.''



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