Haryana Deputy Chief Minister, Dushyant Chautala has directed all the Deputy Commissioners and Revenue Officers of the state to create property IDs in all the 73 Municipal Councils and Municipal areas of the state. For this the Deputy Chief Minister has given stipulated time of 6 months. Along with this, he also directed to prepare the details of the Panchayats of the villages coming under their respective areas in the next 15 days and the constructions on those lands so that their property ID can be made under the 'Svamitva Yojana'.
*उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने राज्य के सभी उपायुक्तों व
राजस्व अधिकारियों को निर्देश
*प्रदेश के
सभी 73 नगर परिषद व
नगरपालिका क्षेत्रों में भी प्रोपर्टी आईडी बनाई जाएं
चंडीगढ़ / हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने राज्य के सभी उपायुक्तों व राजस्व
अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी 73 नगर परिषद व नगरपालिका क्षेत्रों में भी
प्रोपर्टी आईडी बनाई जाएं। इसके लिए डिप्टी सीएम ने 6 माह का समय दिया है। इसके अलावा, उन्होंने आगामी 15 दिनों में अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले
गांव की पंचायती सरकारी व उन जमीनों पर बने निर्माणों का ब्यौरा तैयार करने के भी
निर्देश दिए ताकि ‘स्वामीत्व योजना’ के तहत उनकी प्रोपर्टी आईडी बनाई जा सकें।
The Deputy Chief Minister, who also holds the portfolio of Revenue and Disaster Management and Development and Panchayat Department, today presided over a review meeting of the Deputy Commissioners of the State regarding 'Svamitva Yojana' through video conferencing.
डिप्टी सीएम, जिनके पास राजस्व एवं आपदा प्रबंधन व विकास
एवं पंचायत विभाग का प्रभार भी है, ने आज वीडियो कान्फ्रैंसिंग के माध्यम से
राज्य के उपायुक्तों से ‘स्वामीत्व योजना’ बारे समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा विभाग के अतिरिक्त
मुख्य सचिव संजीव कौशल, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य
सचिव अमित झा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव व सूचना,जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ.
अमित अग्रवाल, शहरी, स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक अशोक मीणा,राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव
आमना तसनीम, उपमुख्यमंत्री के ओएसडी कमलेश भादु के अलावा
सर्वे ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इनके अलावा, सभी जिलों से उपायुक्त भी वीडियो
कान्फ्रैंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे।
Dushyant Chautala directed all the Deputy Commissioners to prepare online details of the properties of rural areas as well as urban areas and generate their IDs as well. He ordered to set up a team of officers to expedite this work in the villages and prepare records of schools, dharamshala, rajbaha, nala, playground, Mela ground, or any other building and properties built on panchayati land. So that separate property IDs of all these established on Panchayati land can be generated.
दुष्यंत चौटाला ने सभी उपायुक्तों को निर्देश
दिए ग्रामीण इलाकों के साथ साथ शहरी क्षेत्रों की प्रॉपर्टी का भी ऑनलाइन ब्यौरा
तैयार कर उनकी भी आईडी बनाएं। उन्होंने गॉवों में इस कार्य को तेजी से करने के लिए अधिकारियों की एक टीम गठित करने के आदेश दिए और पंचायती जमीन पर निर्मित स्कूल, धर्मशाला, रजबाहा, नाला, खेल का मैदान, मेला ग्राऊंड, या कोई अन्य भवन व संपत्तियों आदि का रिकार्ड
तैयार करने को कहा ताकि पंचायती जमीन पर स्थापित इन सभी की अलग-अलग प्रोपर्टी आईडी
बनाई जा सके।
उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे प्रोपर्टी विवादों को प्राथमिकता से निपटाएं ताकि प्रोपर्टी आईडी निर्धारित अवधि में बनाई जा सके। उन्होंने इन विवादों का वर्गीकरण करने के भी निर्देश दिए ताकि उनके समाधान का सरल तरीका निकाला जा सके।
Additional Chief Secretary, Revenue and Disaster Management Department, Sanjeev Kaushal directed the Deputy Commissioners to accelerate the work of property registration so that they should complete the mapping work in the next three months. In the meeting, many other topics related to the Revenue Department including Digi Locker, Modern Record Room, online Jamabandi were discussed in detail. During this, taking the details of the progress report from the respective districts, necessary directions were given to them.
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त
मुख्य सचिव संजीव कौशल ने उपायुक्तों को प्रोपर्टी रजिस्टे्रशन के कार्य में तेजी
लाने का निर्देश देते हुए कि वे आगामी 3 माह में मैपिंग का कार्य पूरा कर लें। बैठक
में डिजी लॉकर, माडर्न रिकॉर्ड रूम, ऑनलाइन जमाबंदी करने सहित राजस्व विभाग से
संबंधित कई अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान संबंधित जिलों से
प्रगति रिपोर्ट का ब्यौरा लेते हुए उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।