बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी और ओडिशा व पश्चिम बंगाल के आसपास के तटीय क्षेत्रों पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. 10 जुलाई से 12 जुलाई के दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में बारिश होगी. इसके बाद देश के अन्य हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने की संभावना है.
बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी और ओडिशा व पश्चिम बंगाल के आसपास के तटीय क्षेत्रों पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से निकलने वाली नम पूर्वी हवाएं धीरे-धीरे पूर्वी भारत में फैल जाएंगी और 10 जुलाई तक पंजाब और उत्तरी हरियाणा को कवर करते हुए उत्तर-पश्चिम भारत में पहुंच जाएंगी। इसकी वजह से 10 जुलाई से 12 जुलाई के दौरान दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में बारिश होगी. इसके बाद देश के अन्य हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में बनने वाले दबाव क्षेत्र और मॉनसून के आगे बढ़ने की वजह से 10 जुलाई के बाद उत्तर पश्चिम भारत में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। वहीं, 11 और 12 जुलाई को जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और पंजाब में भी भारी बारिश की संभावना है। उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश में 09 जुलाई से 14 जुलाई के बीच भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया गया है। उत्तराखंड में 11 और 12 जुलाई को भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10 जुलाई से 14 जुलाई तक भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 09 से 10 जुलाई के दौरान बारिश का अनुमान है। सप्ताह के अधिकांश दिनों के दौरान मध्य और आस-पास के पूर्वी भारत (मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा) में अलग-अलग इलाकों में व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है।
अरब सागर से पश्चिमी तट तक फैले दक्षिण-पश्चिम मॉनसूनी हवाओं के मजबूत होने और ट्रफ के बनने की संभावना के कारण सप्ताह के अधिकांश दिनों में 09 से 12 जुलाई के दौरान महाराष्ट्र और गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं, 13 और 14 जुलाई को कोंकण और गोवा में अलग-अलग जगहों पर अत्यधिक भारी वर्षा होगी, ऐसा अनुमान है।
हालांकि, 9 जुलाई से पूर्वोत्तर भारत यानी अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में वर्षा की तीव्रता और वितरण में कमी आने की संभावना है ।
मौसम विभाग के मुताबिक 15 से 22 जुलाई के बीच देश के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सक्रिय रहने की संभावना है। इससे उत्तर पश्चिम भारत, मध्य-पूर्वी भारत और दक्षिण प्रायद्वीप के मैदानी इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।