बारिश से कई जगह जलजमाव : जलभराव के चलते सड़कों का बुरा हाल है. कई सड़कों पर पानी भर गया है. आलम यह है कि चार पहिया वाहनों की निकासी भी मुश्किल हो रही है. तो पैदल चलने वाले भी परेशान नजर आ रहे हैं.
रादौर NEWS। एक बार फिर से हुई मानसून की दस्तक से क्षेत्र के लोगों को जहां
उमस भरी गर्मी से राहत मिली वहीं धान उत्पादक किसानों के चेहरे पर भी खुशी दिखाई
दी। हालांकि साठी धान उत्पादक किसान मौसम के बदली करवट से निराश दिखाई दिएं। वहीं
दूसरी ओर एसके मार्ग पर एक बार फिर बारिश समस्या लेकर आई। एसके मार्ग पर सड़क के
दोनों ओर जमा बरसाती पानी राहगीरों के लिए परेशानी बढ़ाता रहा। दुकानों के आगे जमा
पानी से दुकानदार भी मुश्किल में दिखे। पिछले काफी समय से स्थानीय दुकानदार व लोग
सड़क के किनारे पर नाला बनवाने व सड़क की मुरम्मत करवाने की मांग कर रहे है। लेकिन
विभाग की ओर से अभी तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति
से यहां कई हादसें भी हो चुके है। हादसों का एक कारण बरसात के समय यहां जमा पानी
भी है।
किसान रामकिशन, गुरदेव सिंह, सतीश, राजिंद्र इत्यादि का
कहना है कि मौसम
के लगातार बदलते तेवर के चलते साठी धान
की फसल को भारी नुकसान की संभावना बढ़ गई है। मौसम परिवर्तन के चलते फसल में भी
बीमारी लगने व झुकने (लेटने) से किसानों की चिंता बढ़ गई है। यह बारिश जहां धान की फसल के लिए लाभदायक है। वहीं, साठी धान उत्पादक किसानों की यह चिंता
बढ़ाने वाली है। अगर अधिक बारिश होती है तो न केवल साठी धान उत्पादक किसानों बल्कि
सब्जी उत्पादकों को नुकसान हो सकता है।
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