महर्षि वेद व्यास की कर्मस्थली
चंडीगढ़ news। महर्षि वेद व्यास की कर्मस्थली बिलासपुर
में तीर्थ राज कपाल मोचन
में
दूर दराज से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। कपाल मोचन सरोवरों का तीर्थ है। सलाना मेले में लाखों श्रद्धालु आते हैं। इस बार कपाल मोचन मेले में
आरटीपीसीआर की रिपोर्ट के बिना श्रद्घालुओं को प्रवेश नहीं मिलेगा, यह बात उपायक्त पार्थ
गुप्ता ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दृष्टिगत
सुरक्षा की दृष्टि से
एहतियात बरतना बहुत जरूरी है, तीसरी
लहर से बचने के लिए श्रद्घालुओं से भी अपील की है कि वो कोरोना गाइडलाईन की पालना
करें। उन्होंने बताया कि मेले का उदघाटन 15 नवम्बर को दोपहर बाद 3 बजे वित्तायुक्त,
राजस्व प्रबंधन विभाग के एसीएस संजीव कौशल करेंगे जबकि विशिष्ठ अतिथि के
तौर पर मण्डलायुक्त रेणु एस फूलिया शिरकत करेंगी।
वही, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि मेले में झूलों की व्यवस्था रहेगी तथा प्रतिदिन सांय के समय भजन संध्या आयोजित होगी। मुख्यमंत्री ने मेला प्रशासक को निर्देश दिए कि मेले में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्त्रमों की श्रखंला में देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्त्रम भी आयोजित करवाए जाएं। विशेषकर दाडी जत्था द्वारा बलिदान गाथाएं भी सुनाई जाएं। इसके अलावा सभी विभागों द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्वालुओं की आस्था
के अनुरुप कपाल मोचन सरोवर, ऋण मोचन सरोवर, सूर्यकुण्ड, आदि बद्री, मन्त्रा देवी व श्री केदारनाथ
सहित सभी धार्मिक स्थलों को कार्यकारी कमेटी का गठन कर विकसित किया जाए। इन स्थलों के सभी
रास्ते बनाए जाएं , विशेषकर बिलासपुर से कपाल मोचन सड़क का सुधारीकरण करने के
साथ साथ डिवाइडर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि लगभग 12 करोड़ रुपए की राशि से चल रहे
विकास की कार्यो को जल्द पूरा किया जाए। श्राईन बोर्ड की आगामी बैठक 6 माह के बाद आयोजित की जाए। इसके
अलावा स्थानीय स्तर पर भी बैठक आयोजित कर श्राईन बोर्ड के कार्यो की नियमित
समीक्षा की जाए।
The Chief Minister said that arrangements for swings would be made in the fair and Bhajan Sandhya would be organized every evening. The Chief Minister directed the Mela Administrator to organize patriotic programmes in the fair as part of Azadi ka Amrit Mahotsav. Sagas of sacrifice should also be narrated, especially by the Dhadi Jatha. Besides this, the exhibition will also be organized by all the departments.
The Chief Minister said that
according to the faith of the devotees, all religious places including Kapal
Mochan Sarovar, Suryakund, Adi Badri, Mantra Devi, and Shri Kedarnath should be
developed by constituting an executive committee. All roads to these places
should be made along with improvement of Kapal Mochan road from Bilaspur,
dividers should also be made, he added.
Manohar Lal said that the ongoing
development works with an amount of about Rs 12 crore should be completed soon.
The next meeting of the Shrine Board should be held after six months. Besides
this, the works of the Shrine Board should be reviewed regularly by holding
meetings at the local level as well.
इस अवसर
पर सार्वजनिक उपक्त्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान
सचिव डी एस ढेसी, प्रधान सचिव शहरी स्थानीय निकाय अरुण गुप्ता व निदेशक डी के बेहरा, यमुनानगर के उपायुक्त व श्राईन
बोर्ड के सदस्य सचिव पार्थ गुप्ता तथा बोर्ड के गैर सरकारी सदस्य विपिन, सुभाष गौड़़, बलदेव सिंह मौजूद रहे।
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