𝐓𝐡𝐞 𝐇𝐚𝐫𝐲𝐚𝐧𝐚 𝐁𝐚𝐜𝐤𝐰𝐚𝐫𝐝 𝐂𝐥𝐚𝐬𝐬𝐞𝐬 𝐂𝐨𝐦𝐦𝐢𝐬𝐬𝐢𝐨𝐧 𝐂𝐡𝐚𝐢𝐫𝐦𝐚𝐧, 𝐉𝐮𝐬𝐭𝐢𝐜𝐞 𝐃𝐚𝐫𝐬𝐡𝐚𝐧 𝐒𝐢𝐧𝐠𝐡 (𝐑𝐞𝐭𝐝.), 𝐬𝐮𝐛𝐦𝐢𝐭𝐭𝐞𝐝 𝐚 𝐫𝐞𝐩𝐨𝐫𝐭 𝐭𝐨 𝐂𝐡𝐢𝐞𝐟 𝐌𝐢𝐧𝐢𝐬𝐭𝐞𝐫 𝐌𝐚𝐧𝐨𝐡𝐚𝐫 𝐋𝐚𝐥 𝐭𝐨𝐝𝐚𝐲 𝐫𝐞𝐠𝐚𝐫𝐝𝐢𝐧𝐠 𝐭𝐡𝐞 𝐩𝐫𝐨𝐩𝐨𝐫𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐨𝐟 𝐫𝐞𝐬𝐞𝐫𝐯𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐟𝐨𝐫 𝐁𝐚𝐜𝐤𝐰𝐚𝐫𝐝 𝐂𝐥𝐚𝐬𝐬-𝐀 𝐢𝐧 𝐌𝐮𝐧𝐢𝐜𝐢𝐩𝐚𝐥 𝐂𝐨𝐫𝐩𝐨𝐫𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧𝐬.
Haryana Backward Classes Commission submits report to the Chief Minister, regarding proportion of reservation to the Backward Classes in Municipal Corporations
हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग ने अधिनियम की धारा 9 के तहत राज्य में पिछड़े वर्गों की वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थितियों का अध्ययन करने, जनकल्याणकारी योजनाओं में पिछड़े वर्गों को लाभ, प्रतिनिधित्व और भागीदारी का अध्ययन करने, शिक्षण संस्थानों में पिछड़े वर्गों के छात्रों व युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का अनुमान लगाने तथा रोजगार के अवसरों में वृद्धि के उपायों की सिफारिश करने का कार्य सौंपा गया था।
इसके अलावा, पिछड़े वर्गों के युवाओं को कौशल विकास और प्रशिक्षण के लिए वर्तमान गतिविधियों का मूल्यांकन करने, राज्य में पंचायती राज संस्थाओं में पिछड़े वर्गों के लिए आवश्यक आरक्षण के अनुपात का अध्ययन करने का कार्य भी सौंपा गया। इस पर आयोग ने विस्तृत विचार विमर्श के बाद पंचायती राज संस्थाओं में पिछड़े वर्ग को आरक्षण बारे रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इसके बाद आयोग को नगरपालिकाओं में भी पिछडे़ वर्ग को आरक्षण बारे कार्य सौंपा गया। आयोग ने विभिन्न बैठके आयोजित की और राज्य के सभी उपायुक्तों से उनके जिलों की नगरपालिकाओं की संख्या, जनसंख्या के श्रेणीवार आंकड़े मांगे। आयोग ने फरीदाबाद, गुरुग्राम, रोहतक, हिसार, करनाल और अंबाला सहित सभी मंडल मुख्यालयों में जन सुनवाई की और राजनैतिक दलों, संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी विस्तार से चर्चा की।
आयोग को पिछड़े वर्ग को नगरपालिकाओं में आरक्षण बारे डाक एवं ई-मेल व संदेशों के माध्यम से भी रिप्रजेंटेशन प्राप्त हुए। इस प्रकार आयोग ने हरियाणा राज्य में नगरपालिकाओं में भी पिछड़े वर्ग को आरक्षण के अनुपात के संबंध में विस्तृत जाँच की।
विभिन्न बैठकें आयोजित करने और मामले पर विस्तार से चर्चा करने के बाद, आयोग ने नगरपालिकाओं में पिछड़े वर्गो के नागरिकों को आरक्षण के अनुपात बारे अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को प्रस्तुत कर दी है।
हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग ने अधिनियम की धारा 9 के तहत राज्य में पिछड़े वर्गों की वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थितियों का अध्ययन करने, जनकल्याणकारी योजनाओं में पिछड़े वर्गों को लाभ, प्रतिनिधित्व और भागीदारी का अध्ययन करने, शिक्षण संस्थानों में पिछड़े वर्गों के छात्रों व युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का अनुमान लगाने तथा रोजगार के अवसरों में वृद्धि के उपायों की सिफारिश करने का कार्य सौंपा गया था।
इसके अलावा, पिछड़े वर्गों के युवाओं को कौशल विकास और प्रशिक्षण के लिए वर्तमान गतिविधियों का मूल्यांकन करने, राज्य में पंचायती राज संस्थाओं में पिछड़े वर्गों के लिए आवश्यक आरक्षण के अनुपात का अध्ययन करने का कार्य भी सौंपा गया। इस पर आयोग ने विस्तृत विचार विमर्श के बाद पंचायती राज संस्थाओं में पिछड़े वर्ग को आरक्षण बारे रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इसके बाद आयोग को नगरपालिकाओं में भी पिछडे़ वर्ग को आरक्षण बारे कार्य सौंपा गया। आयोग ने विभिन्न बैठके आयोजित की और राज्य के सभी उपायुक्तों से उनके जिलों की नगरपालिकाओं की संख्या, जनसंख्या के श्रेणीवार आंकड़े मांगे। आयोग ने फरीदाबाद, गुरुग्राम, रोहतक, हिसार, करनाल और अंबाला सहित सभी मंडल मुख्यालयों में जन सुनवाई की और राजनैतिक दलों, संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी विस्तार से चर्चा की।
आयोग को पिछड़े वर्ग को नगरपालिकाओं में आरक्षण बारे डाक एवं ई-मेल व संदेशों के माध्यम से भी रिप्रजेंटेशन प्राप्त हुए। इस प्रकार आयोग ने हरियाणा राज्य में नगरपालिकाओं में भी पिछड़े वर्ग को आरक्षण के अनुपात के संबंध में विस्तृत जाँच की।
विभिन्न बैठकें आयोजित करने और मामले पर विस्तार से चर्चा करने के बाद, आयोग ने नगरपालिकाओं में पिछड़े वर्गो के नागरिकों को आरक्षण के अनुपात बारे अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को प्रस्तुत कर दी है।