अब नहीं रहेगी शहर में बेसहारा पशुओं की समस्या
निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने गौशाला प्रबंधकों से की बैठक
बैठक में छह गोशालाओं में चारे के लिए 30 रुपये प्रति पशु देने पर बनी सहमति
यमुनानगर DIGITAL DESK || शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं की समस्या से जल्द निजात मिलेगी। शहर को बेसहारा पशुओं से मुक्त बनाने के लिए निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने गौशाला प्रबंधकों के साथ बैठक की। जिसमें छह गोशालाओं के प्रबंधकों ने पशुओं को लेने पर सहमति जताई। इसके लिए नगर निगम गौशाला प्रबंधकों को चारे के लिए रोजाना प्रति पशु 30 रुपये का भुगतान करेगा। जल्द ही नगर निगम शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान चलाएगा। इन पशुओं को पकड़कर चिन्हित की गई छह गोशालाओं में भेजा जाएगा।
नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिले की विभिन्न गोशालाओं के प्रबंधकों व प्रधान, पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने सभी गौशाला प्रबंधकों से चर्चा करते हुए कहा कि शहर में बेसहारा पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। जो शहर की सड़कों पर घूमते है और हादसों का कारण बनते है। इनमें सबसे अधिक गोवंश है। इन्हें गोशाला में आसरा दिया जाए। ताकि इनका पुनर्वास हो सके। बैठक में शामिल सभी गौशाला प्रबंधकों ने बताया कि गोशालाओं में चारे की समस्या है। जिसके बाद उन्होंने चारे के लिए रोजाना प्रति पशु 30 रुपये खर्च देने को कहा। इस पर श्री लाल बधावा राम गौशाला दामला, श्री गौशाला कमेटी मटका चौक जगाधरी, श्री आदिबद्री गौशाला काठगढ़, श्री गौशाला सेवा समिति छछरौली, स्वामी वितरंगानंद गौशाला सेवा समिति शहजादवाला और श्री श्याम गौशाला साढौरा ने गोवंशजों को रखने पर सहमति दी। अब निगम द्वारा शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़कर इन गोशालाओं में छोड़ा जाएगा।
निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने कहा कि कोई भी शहरवासी गोवंशजों का इस्तेमाल करने के बाद उन्हें खुले में न छोड़े। यदि उन्हें गोवंश को छोड़ने है तो अपनी नजदीक गोशाला में इन्हें छोड़कर आए। उन्होंने कहा कि नगर निगम शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाएगा। शहर को बेसहारा पशुओं से मुक्त बनाने के लिए सभी बेसहारा पशुओं को पकड़कर गौशाला में छोड़ा जाएगा। मौके पर उप निगम आयुक्त अशोक कुमार, कार्यालय अधीक्षक प्रदीप कुमार, सीएसआई हरजीत सिंह, सीएसआई सुनील दत्त, पशुपालन विभाग के एसडीओ सतबीर सिंह, कंवर कुमार, स्वामी वितरंगानंद, धर्मेंद्र सिंह, शोभा दास, ब्रह्मचारी आदि मौजूद रहे।
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