दीपेंद्र हुड्डा ने किसान धरनों पर बिजली-पानी की सप्लाई बंद करने के सरकारी निर्देशों की कड़ी निंदा की
नियम 267 के तहत दी गयी नोटिस में सांसद दीपेंद्र
हुड्डा ने राज्य सभा के सभापति से इस अति महत्वपूर्व मुद्दे को अविलम्ब हल करने पर
चर्चा का नोटिस देकर मांग करी कि संसद का काम रोककर सबसे पहले किसानों की माँगों
पर चर्चा हो और उनकी माँगों को माना जाए। 3 कृषि कानूनों के खिलाफ़ देशभर के किसान आन्दोलनरत हैं। अब तक 165 से ज्यादा किसानों की जान जा चुकी है।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार अन्नदाता को सम्मान देने की बजाय उसे बदनाम करने में लगी है। टिकरी बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों के लिए पानी, साफ़-सफाई, शौचालय सेवा को बीजेपी की किसान विरोधी सरकार ने रोककर शांतिपूर्ण आंदोलन में बाधा डालने का एक और ओछा प्रयास किया है। लेकिन, ये आन्दोलन जन-जन का आन्दोलन है। किसानों को कोई दिक्कत न हो और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये हम पहले की तरह आगे भी हर संभव प्रयास करते रहेंगे। देश के अन्नदाता की सेवा में पहले भी हम खड़े थे आगे भी खड़े रहेंगे।
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