कहा- लोगों ने पेश की मिशाल, दूसरे गांवों को भी मिलेगी प्रेरणा
बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में
पंचकूला जिले के गांव बतौड़ में हुए अभिनव प्रयोग की जमकर सराहना की है। यहां गांव
में आबादी के बीच स्थित गंदे पानी का तालाब परेशानी का सबब बना हुआ था। खराब पानी
आसपास के घरों में घुस जाता था और इसकी बदबू से ग्रामीण काफी परेशान थे। 2016 में सरपंच बने
लच्छम दास ने इस समस्या के निराकरण का बीड़ा उठाया। इसके लिए उन्होंने गांववासियों
को तैयार किया। गांववासियों ने सामूहिकता की भावना का परिचय देते हुए ऐसी मिसाल
पेश की कि प्रधान मंत्री ने उनकी दिल खोल कर तारीफ की।
सरपंच लच्छम दास बताते हैं कि तालाब के गंदे पानी को साफ करने के लिए इसे पांच भागों में बांटा गया है। गंदा पानी पहले भाग में आता है, जहां इसकी गाद जम जाती है और इसके बाद पानी दूसरे भाग में डाल दिया जाता है। पांचों में भागों में यही क्रम दोहराया जाता है। पांचवें हिस्से में जाने बाद पानी पूरी तरह से साफ हो जाता है, जिसे किसानों को खेती के लिए उपलब्ध करवा दिया जाता है। लोग पंप-इंजन में अपने खर्च पर डीजल डालकर खेतों की सिंचाई करते हैं। सरपंच बताते हैं कि जब इस काम को शुरू किया तो विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने उनका उत्साह वर्धन किया था। इतना ही नहीं गुप्ता ने अपने स्वैच्छिक अनुदान से इस प्रोजेक्ट के लिए आर्थिक मदद भी की थी।
चंडीगढ़ परिवहन विभाग से सेवानिवृत्त बतौड़ निवासी हेम सिंह बताते हैं प्रधान मंत्री ने मन की बात में उनके गांव का जिक्र दुनिया भर में गांववासियों का सम्मान बढ़ाया है। इससे गांव के युवा वर्ग में आगे और काम करने की प्रेरणा जगी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह गांव इस क्षेत्र के लिए आदर्श स्थापित करेगा।
पंचकूला जिला अदालत में अधिवक्ता बतौड़ निवासी मोना ठाकुर बताती हैं कि प्रधान मंत्री ने आज जिस प्रकार से गांववासियों की सराहना की है, उससे यहां उत्साह का वातावरण बना है। गांव की अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए भी अब लोग प्रयत्न करेंगे। उन्होंने कहा कि जब गांव के लोग स्वयं प्रेरणा से काम शुरू कर देते हैं तो प्रशासन भी सहयोग करने लगता है।
बतौड़ निवासी मुकेश कुमार पंडित कहते हैं
कि ‘मन की बात’ में गांव का जिक्र होने से उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही
है। यह तालाब सांपों का घर हो चुका है, जिससे आसपास के लोगों में डर का माहौल रहता था। गांव की
पंचायत और स्थानीय लोगों ने मिलकर इस समस्या का समाधान निकाला है। अब यह पानी खेती
के लिए लाभकारी हो गया है। समस्या का निराकरण होने के साथ-साथ किसानी में भी फायदा
हो गया है।
महिला पंच नेहा बताती हैं कि इस तालाब के
सुधार से जहां गंदे पानी की समस्या का निराकरण हुआ है वहीं अब यहां हो रहा मछली
पालन पंचायत की आमदनी का स्रोत भी बन गया है। इसके लिए उन्होंने सरपंच के प्रयास
और विधायक ज्ञान चंद गुप्ता के सहयोग की भी सराहना की।
- ज्ञान चंद गुप्ता, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष..
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