बाल भिक्षावृत्ति व बाल मजदूरी को समाप्त करना मुख्य उद्देश्य
REPORT BY : RAHUL SAHAJWANI
CITY LIFE HARYANA | यमुनानगर : चाइल्ड लाइन व जिला बाल संरक्षण ईकाई टीम ने सिटी यमुनानगर में बाल मजदूरी व बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ एक रेस्क्यू व जागरूकता अभियान चलाया। जिसका मुख्य उद्देश्य जिले से बाल भिक्षावृत्ति व बाल मजदूरी को समाप्त करना है। मजदूरों के जो बच्चे उनके साथ मंडी में या तो काम करते हैं या आवारा घूमते हैं, या फिर भीख आदि मांगते रहते हैं। ऐसे में इन बच्चों की सुरक्षा एक बहुत बड़ा विषय बन गया है। रेस्क्यू मुहिम के तहत टीम को 4बच्चे यहां वहां भीख मांगते हुए दिखाई दिए। जब टीम ने उनसे उनके माता-पिता के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि हम हमारे माता-पिता के साथ अनाज मंडी के बाहर झोपड़ी बनाकर रहते हैं। टीम उनके साथ उनके माता-पिता से मिलने पहुंची उन्हें समझाया गया कि इस तरह बच्चों से भीग मंगवाना कानूनन अपराध है
बच्चों और उनके माता-पिता की काउंसलिंग की गई बच्चों के माता-पिता ने कहा कि दिहाड़ी मजदूरी करते हैं मगर इस समय मंडी बंद होने के कारण कहीं काम नहीं है। वैसे हमारे बच्चे स्कूल पढ़ने जाते हैं पर अब स्कूल बंद होने के कारण ये इधर उधर घूमते रहते हैं। हम इनको मना करते हैं परंतु ये नहीं मानते हैं। बच्चों और उनके माता-पिता को चेतावनी दी गई की अब यदि दोबारा तुम्हारे बच्चे कहीं भीख मांगते हुए दिखाई दिए तो इनको बाल कुंज छछरौली भेज दिया जाएगा। और तुम्हारे खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चाइल्ड लाइन के समन्वयक शैफाली ने सभी आमजन से अपील की कि ऐसे कामों में बच्चों के इस्तेमाल को बढ़ावा न दे, बच्चों को स्कूल की राह दिखाए जो माता-पिता बच्चों का इस्तेमाल करके कमाई करते हैं उनकी सूचना तुरंत चाइल्डलाइन 1098 पर दे ।
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