पानी का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है इसकी हर बूंद को बचाने तथा इसके उचित प्रबंधन के लिए राज्य सरकार ने एक द्विवार्षिक योजना तैयार की है
इस योजना का उद्देश्य पानी का उपयोग और उपचारित पानी का पुन: उपयोग सुनिश्चित करना है
जल प्रबंधन से संबंधित इन सभी कार्यों को एक मिशन मोड पर किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने आज यह बात हरियाणा निवास
में प्रदेशभर के अतिरिक्त उपायुक्तों के साथ एक बैठक के दौरान कही। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री
अंत्योदय परिवार उत्थान योजना’ की प्रगति की समीक्षा करते हुए अतिरिक्त उपायुक्तों को
निर्देश दिए कि लोकल-कमेटियों का गठन किया जाए। ये कमेटियां आय, संपत्ति, देनदारियों और
अन्य विभिन्न पहलुओं पर विचार करते हुए एक लाख गरीब परिवारों की पहचान करने में
मदद करेंगी। संबंधित अतिरिक्त उपायुक्त की देखरेख में पात्र परिवारों का सत्यापन
करेंगी। इसके बाद चिन्हित परिवारों को उनकी वित्तीय और सामाजिक स्थिति का उत्थान
करने के लिए विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर ने कहा कि अतिरिक्त उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों में परिवार पहचान पत्र कार्ड बनवाने में अनुबंध कर्मचारियों, पूर्व सैनिकों व मजदूरों का सहयोग लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के अधिकारियों को इन कमेटियों के माध्यम से आंकड़ों के सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देते हुए शिक्षकों, स्वयंसेवकों, गैर सरकारी संगठनों और बिजली विभाग के कर्मचारियों का सहयोग लेना चाहिए तथा स्वयं उस कार्य को करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों को गुणवत्तापरक सेवाएं देने के लिए अतिरिक्त उपायुक्तों को प्रेरित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य ‘मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना’ के माध्यम से गरीब लोगों की सेवा करना है,क्योंकि जरूरतमंदों की सेवा करने से संतुष्टि मिलती है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की उपप्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण एवं रोजगार विभाग के महानिदेशक पी.सी. मीणा, करीड की सचिव श्रीमती सोफिया दहिया समेत सभी जिलों के अतिरिक्त उपायुक्त भी उपस्थित थे।