Differently Abled 16-yr-old, Child Who Lost His Parents To Covid
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल आज
चंडीगढ़ से दिल्ली जाते समय अचानक गुरुग्राम पहुंचे और दीप आश्रम जाकर उन्होंने
विशाल को देखा और कहा कि उसके पालन पोषण और देखभाल का खर्च हरियाणा सरकार वहन
करेगी। मुख्यमंत्री इस आश्रम में विशेष शिक्षा प्राप्त कर रहे अन्य दिव्यांग
विद्यार्थियों से भी मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारतीय जनता
पार्टी का सेवा दिवस भी है, इस नाते से आज उन्हें अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से विशाल के
बारे में पता चला कि वह बचपन से अनाथ था, जिस माता-पिता ने उसे गोद लिया था, वे भी दुर्भाग्यवश
नहीं बच पाए। कोविड-19 के कारण पहले पिता का देहांत हुआ और उसके बाद माता भी चली
गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे बच्चों की
सहायता के लिए हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना बनाई है। उन्होंने कहा
कि यह बालक विशाल मानसिक रूप से दिव्यांग और दृष्टिहीन भी है, वह बोल भी नहीं
सकता। उन्होंने दीप आश्रम संस्था की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी संस्थाओं और आश्रम
की भी हरियाणा सरकार सहायता करेगी ताकि ऐसे बच्चों के पालन पोषण में कोई कठिनाई ना
आए।
फरीदाबाद के जयपाल और जगवंती के कोई औलाद नहीं थी, उन्होंने बचपन में ही विशाल को गोद लिया था। जयपाल की गत 14 मई को कोविड-19 के कारण मृत्यु हो गई और उसके बाद मानसिक रूप से तनावग्रस्त उसकी पत्नी जगवंती भी 21 मई को चली गई। विशाल फिर अकेला रह गया, वह बोल भी नहीं सकता। उसे गुरुग्राम की दीपाश्रम नामक संस्था बाल कल्याण परिषद से ऑनलाइन मंजूरी लेकर फरीदाबाद से अपने यहां ले आई थी। उसकी हालत का पता लगते ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल रविवार को उसे देखने पहुंचे और सरकार की ओर से उसे गोद लेने का निर्णय लिया।
इस मौके
पर दीप आश्रम के इंचार्ज फादर शाजी, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अमित आर्य, पुलिस आयुक्त के.के. राव, उपायुक्त डॉ. यश गर्ग, नगर निगम आयुक्त विनय प्रताप सिंह, डीसीपी दीपक, जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र यादव
भी उपस्थित थे।