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Kurukshetra- सरकार का मुख्य फोकस कोरोना के गंभीर मरीजों को उपचार देकर उनकी जान बचाना : CM

निजी अस्पतालों में बैड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन आदि स्वास्थ्य सेवाओं के दाम तय करें  

500 करोड़ रुपए का विशेष फंड भी बनाया


City Life Haryanaकुरुक्षेत्र:  सरकार का मुख्य फोकस प्रदेश में कोरोना के गंभीर मरीजों को सबसे पहले उपचार देकर उनकी जान बचाना है। सरकार ने ऑक्सीजन के वितरण का विशेष प्रबंधन किया है ताकि सभी अस्पतालों को निर्धारित कोटे के अनुसार ऑक्सीजन की आपूर्ति करवाई जा सके। इतना ही नहीं सरकार ने कोरोना के इलाज में प्रयोग आने वाले यंत्रों और ऑक्सीजन प्लांट आदि स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने के लिए 500 करोड़ रुपए का विशेष फंड भी बनाया है। इस फंड से कोविड-19 से बचाव की चीजों के किसी भी उद्योग पर 1 साल के लिए नि:शुल्क ब्याज पर लोन भी उपलब्ध करवाया जाएगा।

मुख्यमंत्री आज सुबह कुरुक्षेत्र में कोरोना से बचाव की तैयारियों से संबंधित बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।


उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र जिले का ऑक्सीजन कोटा 4 मीट्रिक टन से बढाकर 6 मीट्रिक टन कर दिया गया है और जरूरत पड़ी तो इस कोटे में और इजाफा भी किया जा सकता है।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने प्रधान सचिव श्रीमती जी. अनुपमा व उपायुक्त श्रीमती शरणदीप कौर बराड़ से आदेश मेडिकल कॉलेज, आरोग्य अस्पताल, बीएस हर्ट केयर, एलएनजेपी सहित पोर्टल पर रजिस्ट्रड 13 अस्पतालों में कोरोना मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, ऑक्सीजन गैस, अस्पतालों में बैड के साथ-साथ कोविड-19 से सम्बन्धित एक-एक व्यवस्था पर फीडबैक रिपोर्ट ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना को हराने के लिए लड़ाई लड़ रही है, इसी उद्देश्य से हर जिले में जाकर कोरोना प्रबंधों को लेकर समीक्षा की जा रही है और जिला स्तर पर गठित टीम के प्रत्येक सदस्य से बातचीत की जा रही है और जहां कहीं भी कमियां हैं उसको ठीक किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा है और ऑक्सीजन की सप्लाई की कठिनाई को दूर करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। सरकार ने आज ही ऑक्सीजन के 6 कैंटर दूसरे राज्यों से मंगवाएं हैं। सरकार ऑक्सीजन की कहीं भी कमी नहीं आने देगी।


मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कोरोना प्रबंधों को लेकर जिन अधिकारियों के खिलाफ शिकायत मिल रही है, उनके खिलाफ सरकार द्वारा कार्रवाई की जा रही है। आज कठिन समय में सभी अधिकारियों को पूरी मेहनत, ईमानदारी के साथ एक टीम के रूप में काम करना चाहिए। उन्होंने एक अन्य प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि अब प्रदेश में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों का भी कोरोना टीकाकरण का कार्य शुरू कर दिया है, इसलिए सभी पत्रकार साथियों को भी पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना चाहिए और मीडिया के सभी साथियों का वरीयता के आधार पर टीककरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के एक प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि मरीजों को अपने निकटतम अस्पतालों में इलाज करवाना चाहिए और जिन मरीजों को ऑक्सीजन लेवल 92 से ऊपर है उन मरीजों को घर में ही आईसोलेट होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल के इस कठिन समय में लोगों का पैसा कमाने की बजाय सेवा करना उद्देश्य होना चाहिए। जो व्यक्ति ऐसे समय में पैसा कमाने के लिए दवाईयों, सिलेंडरों और अन्य पदार्थो की कालाबाजारी करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि प्रशासनिक अधिकारी आईएमए के साथ चर्चा करके निजी अस्पतालों में बैड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन आदि स्वास्थ्य सेवाओं के दाम तय करें ताकि मरीजों को निर्धारित दरों पर निजी अस्पतालों में लाभ मिल सके और जो भी अस्पताल पैसा कमाने के उद्देश्य से निर्धारित दरों से ज्यादा मरीजों पर चार्ज करे उसके खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। 

उन्होंने निजी एम्बुलेंस सेवाओं की भी न्यूनतम दरें तय करने के आदेश देते हुए कहा कि निजी एम्बुलेंस के भी प्रति किलोमीटर के हिसाब से रेट तय किए जाएं ताकि मरीजों को निर्धारित दरों पर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध हो सके। जिन निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं और वह नियमों पर खरा उतरता है उनको प्रशासन पोर्टल पर रजिस्टर्ड करवाकर मरीजों का इलाज करने की अनुमति भी प्रदान करें। उन्होंने बताया कि उन्होंने यह भी आदेश दिए हैं कि जिला स्तर पर गठित टीमें नियमित रूप से अस्पतालों में जाकर ऑक्सीजन, बैड तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को ऑडिट कर सरकार को रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोविड पैनल पर पंजीकृत अस्पतालों में निर्धारित बैड संख्या के आधार पर ही मरीजों को दाखिल करना चाहिए, अगर अस्पताल में पंजीकृत किए गए बैडों से भी ज्यादा की व्यवस्था है तो वह पोर्टल पर अपने बैडों की संख्या को बढ़वा सकता है। 

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