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Chandigarh- नगर निकायों की संपत्ति पर मालिकाना हक लेने के लिए कब्जाधारकों को करना होगा यह काम

Haryana Urban Local Bodies Minister, Sh. Anil Vij said that the State Government has formulated a policy to give ownership rights to the occupants of the property of municipal bodies. Under this policy a maximum rebate of up to 50 per cent on the collector rate of the property concerned will be given to get the ownership of the occupied property. This policy will come into effect from July 1, 2021. 



 
चंडीगढ / हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने बताया कि राज्य सरकार ने नगर निकायों की संपति पर कब्जा धारकों को मालिकाना हक देने के लिए एक नीति तैयार की है। इस नीति के अंतर्गत उन्हें कब्जा की हुई संपति का मालिकाना हक देने के लिए संबंधित संपति के कलैक्टर रेट में अधिकतम 𝟓𝟎 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी। यह नीति 𝟏 जुलाई, 𝟐𝟎𝟐𝟏 से लागू हो जाएगी।

ब्यौरा देते हुए उन्होंने बताया कि इस नीति का लाभ लेने के इच्छुक पात्र कब्जाधारी को वेबपोर्टल पर निगम के संबंधित आयुक्त/कार्यकारी अधिकारी/संबंधित नगर निकाय के सचिव को एक महीने के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

Vij informed that under this policy, for the convenience of the occupants, a web portal is being designed which will be ready by June 20, 2021 as there is a possibility of large scale occupants to be covered under this policy, he added.Urban Local Minister, 
Vij informed that under this policy, Haryana Government is working to give ownership to those occupants of the properties of Urban Local Bodies Department, who are in possession of the property on rent, lease or license fee for more than 20 years. These occupants will be given a maximum discount of 50 per cent on the present collector rate for the deed of the property.

विज ने बताया कि इस नीति के तहत आने वाले कब्जाधारियों की सुविधा के लिए एक वेबपोर्टल का डिजाइन किया जा रहा है जोकि आगामी 𝟐𝟎 जून, 𝟐𝟎𝟐𝟏 तक तैयार हो जाएगा क्योंकि इस नीति के तहत बड़े पैमाने पर कब्जाधारियों के शामिल होने की संभावना है।

शहरी स्थानीय मंत्री विज ने बताया कि इस नीति के तहत शहरी स्थानीय निकाय विभाग के कब्जाधारियों, जो 𝟐𝟎 साल से अधिक समय से किराया, लीज अथवा लाइसेंस फीस पर संपत्ति पर काबिज है उनके लिए हरियाणा सरकार मालिकाना देने का काम कर रही है। इन कब्जाधारियों को संपति की डीड हेतू वर्तमान कलेक्टर रेट पर अधिकतम 𝟓𝟎 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

Vij said that the occupants who have occupied such a property for a period of more than 20 years but less than 25 years, they will have to pay 80 per cent of the collector rate of the property of the respective category. Similarly, occupants who have occupied such a property for more than 25 years but less than 30 years, will have to pay 75 per cent of the collector rate of the respective category of property.  Similarly, the occupants who have occupied such a property for more than 30 years but less than 35 years, will have to pay 70 per cent of the collector rate of the respective category of property.

विज ने बताया कि जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 𝟐𝟎 वर्ष से अधिक परंतु 𝟐𝟓 वर्ष से कम की अवधि हो गई है, उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 𝟖𝟎 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। इसी प्रकार, जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 𝟐𝟓 वर्ष से अधिक परंतु 𝟑𝟎 वर्ष से कम की अवधि हो गई है, उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 𝟕𝟓 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। ऐसे ही, जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 𝟑𝟎 वर्ष से अधिक परंतु 𝟑𝟓 वर्ष से कम की अवधि हो गई है, उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 𝟕𝟎 प्रतिशत का भुगतान करना होगा।

शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने बताया कि जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 𝟑𝟓 वर्ष से अधिक परंतु 𝟒𝟎 वर्ष से कम की अवधि हो गई है, उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 𝟔𝟓 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। इसी तरह, जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 𝟒𝟎 वर्ष से अधिक परंतु 𝟒𝟓 वर्ष से कम की अवधि हो गई है, उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 𝟔𝟎 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। उन्होंने बताया कि जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 𝟒𝟓 वर्ष से अधिक परन्तु 𝟓𝟎 वर्ष से कम की अवधि हो गई है, उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 𝟓𝟓 प्रतिशत का भुगतान करना होगा।

The Urban Local Bodies Minister said that the occupants who have held such a property for more than 35 years but less than 40 years, will have to pay 65 per cent of the collector rate of the property of the respective category. Similarly, occupants who have occupied such a property for more than 40 years but less than 45 years, will have to pay 60 per cent of the collector rate of the respective category of property.  He said that the occupants, who have occupied such a property for more than 45 years but less than 50 years, they will have to pay 55 per cent of the collector rate of the respective category of property.

विज ने बताया कि जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 𝟓𝟎 वर्ष से अधिक की अवधि हो गई है, उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 𝟓𝟎 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। 



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