ओलंपिक पैटर्न पर
होंगे खेलो इंडिया गेम्स
खेलो इंडिया गेम्स
में देशभर से 10 से लेकर 25 हजार से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा लेंगे
ओलंपिक के लिए
क्वालीफाई करने वाले 18 खिलाडिय़ों के खाते में पहुंची पांच-पांच
लाख की एडवांस राशि, खिलाडिय़ों को विवादों से दूर रह खेलों पर
रखना चाहिए फोकस
तीसरी लहर की
संभावना दिखाई दी तो खिलाडिय़ों के भविष्य को देखते हुए खेलो इंडिया गेम्स को टाला
भी जा सकता है
City Life Haryana।हरियाणा डेक्स / हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि हरियाणा पहली पर खेलो इंडिया गेम्स की मेजबानी कर रहा है। नवंबर माह में गेम्स आयोजित होने है, लेकिन जिस तरह से कोरोना की दूसरी लहर चल रही है, उसको लेकर खेलो इंडिया गेम्स के आयोजन पर संकट मंडराना शुरू हो गया है।
बहरहाल, सरकार खेलों इंडिया की तैयारियों में
जुटी है और अगस्त माह तक तमाम तैयारियां पूरी होने की संभावना है। केंद्र सरकार से
आयोजन को लेकर मिली 20 करोड़ की राशि से खेल सुविधाओं को मजबूती देने का काम किया
जा रहा है। कोरोना की लहर और जुलाई में आयोजित होने वाले टोक्यो ओलंपिक के आधार पर
ही सरकार खेलो इंडिया के आयोजन का रोडमैप तैयार कर रही है। खेलो इंडिया गेम्स में
देशभर से 10 से लेकर 25 हजार से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
उनका पूरा
फोकस खेलो इंडिया की तैयारियों पर है। खेल मैदानों को दुरुस्त किया जा रहा है।
जहां पर प्रतियोगिताओं का आयोजन होना है, वे तमाम खेल मैदान अगस्त माह तक तैयार हो जाएंगे। हरियाणा
हमेशा ही खेलों में अग्रणी रहा है। ओलंपिक खेलों में बड़ी संख्या में हरियाणा से खिलाड़ी
देश का प्रतिनिधित्व करते है। इस बार कोरोना का संकट ओलंपिक पर मंडरा रहा है तो
जहां पर खिलाड़ी ट्रेनिंग कर रहा है तो वहां उन फैडरेशन की ओर से खिलाडिय़ों को
वैक्सीन लगाई जा रही है। प्रदेश में भी खिलाडिय़ों के लिए वैक्सीन ड्राइव चलाया जा
रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा खेलों का हब रहा है। प्रदेश की धरती से बड़ी संख्या में खिलाड़ी ओलंपिक से लेकर अन्य अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हैं। खिलाडिय़ों को खेल आयोजनों की तैयारी करने में कोई कठिनाई न आए, इसको लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले खिलाडिय़ों को तैयारियों के लिए पांच-पांच लाख रुपये की घोषणा की गई थी, पहले चरण में 18 खिलाडिय़ों को पांच-पांच लाख रुपये की एडवांस राशि दी जा चुकी है।
एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि खिलाडिय़ों की अपराधिक घटनाओं में संलिप्पता चिंताजनक है। इससे खिलाड़ी की तो छवि खराब होती है ही साथ ही दूसरे खिलाडिय़ों पर भी इसका असर पड़ता है। इसलिए खिलाडिय़ों को विवादों से दूर रहकर खेलों पर फोकस रखना चाहिए। खिलाडिय़ों का काम अपने देश व प्रदेश का नाम रोशन करने है। किसी भी स्पोट्र्स पर्सन को विवादों में नहीं पडऩा चाहिए। सुशील कुमार वाली घटना भी चिंताजनक है, इससे दूसरे खिलाडिय़ों के मनोबल पर असर पड़ता है।